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गयाजी में नलजल से जुड़े एक ठेकेदार ने नगर निगम के अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। ठेकेदार का कहना है कि बकाया भुगतान मांगने पर अधिकारियों ने पैसे न देकर मेरे घर के आगे कूड़ा फेंकवा दिया है। मामले की जानकारी के बाद नगर आयुक्त ने जांच के आदेश दिए हैं। कुजापी मोहल्ला के रहने वाले ठेकेदार अनिल भूषण ने कहा कि मैं लंबे समय से नगर निगम के लिए जलापूर्ति से संबंधित काम, जैसे- नलजल, प्याऊ और चापाकल की मरम्मत करता आ रहा हूं। अनिल भूषण का दावा है कि पिछले 7 महीनों से उनका भुगतान लंबित है। कई बार लिखित और मौखिक आग्रह के बावजूद मुझे केवल आश्वासन ही मिला। बुधवार देर रात घर के आगे ट्रैक्टर से डलवाया कूड़ा ठेकेदार अनिल भूषण और उनके मैनेजर राकेश कुमार के अनुसार, एक दिन पहले यानी बुधवार को नलजल से जुड़े अधिकारी उनके घर पहुंचे और काम को लेकर दबाव बनाया। जब अनिल भूषण ने बकाया राशि की मांग की, तो बुधवार की रात करीब 10:20 बजे नगर निगम के कूड़ा ढोने वाले ट्रैक्टर से उनके घर के मेन गेट पर कूड़ा गिरवा दिया गया। अनिल भूषण ने कहा कि कूड़े के ढेर की वजह से न सिर्फ मेरे बल्कि घर के सदस्यों बल्कि आसपास के लोगों को भी दुर्गंध का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि कूड़ा फेंके जाने से घर का रास्ता भी ब्लॉक हो गया है। स्थिति तब और गंभीर हो गई जब ठेकेदार की बीमार मां मधु देवी को इलाज के लिए पटना ले जाना था, लेकिन रास्ता बंद होने के कारण उन्हें समय पर अस्पताल नहीं ले जाया जा सका, जिससे परिवार को मानसिक और शारीरिक दोनों तरह की परेशानी झेलनी पड़ी। अनिल ने निगम के सिटी मैनेजर, जल पर्षद के इंजीनियर को बताया दोषी अनिल भूषण ने आरोप लगाया कि ये सब कुछ नगर निगम के अधिकारियों के इशारे पर की गई है। उन्होंने नगर निगम के दोनों सिटी मैनेजर और जल पर्षद के कार्यपालक अभियंता राकेश कुमार पर सीधे तौर पर जिम्मेदार बताया और कहा कि उनके निर्देष पर ये सब किया गया है। ठेकेदार ने कहा- कूड़ा गिराए जाने का सीसीटीवी मौजूद ठेकेदार का कहना है कि अगर कोई शिकायत थी तो नियमानुसार नोटिस दिया जाना चाहिए था, न कि इस तरह का गैरकानूनी और अपमानजनक कदम उठाया जाता। उन्होंने यह भी बताया कि पूरी घटना का CCTV फुटेज मौजूद है, जिसमें ट्रैक्टर से कूड़ा गिराते हुए स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है। इसके आधार पर उन्होंने जिला प्रशासन से निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है। वहीं, नगर आयुक्त अभिषेक पलासिया से पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि उन्हें कूड़ा फेंकने की घटना की पहले जानकारी नहीं थी। उन्होंने बताया कि ठेकेदार के खिलाफ कुछ शिकायतें मिली थीं, जिनकी जांच के लिए टीम भेजी गई थी। हालांकि, कूड़ा फेंकने की बात सामने आने के बाद उन्होंने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं और दोषियों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
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