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नवादा जिले में केंद्र सरकार की ‘ज्ञान भारतम मिशन’ योजना के तहत प्राचीन पांडुलिपियों के संकलन और डिजिटलीकरण का अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में शनिवार को उप विकास आयुक्त (डीडीसी) नीलिमा साहु ने वारिसलीगंज प्रखंड के चंडीपुर गांव स्थित प्राचीन श्री ठाकुर राधा रमण लाल जी मंदिर का दौरा किया। सर्वेक्षण के दौरान मंदिर परिसर से 18 हस्तलिखित और ब्लॉक प्रिंटेड ग्रंथ पांडुलिपियां प्राप्त हुईं। इन सभी को ‘ज्ञान भारतम ऐप’ पर सफलतापूर्वक पंजीकृत किया गया। जानकारी के अनुसार, इस मंदिर का निर्माण वर्ष 1883 में विक्रमादित्य प्रसाद सिंह ने कराया था। उप विकास आयुक्त नीलिमा साहु ने बताया कि ‘ज्ञान भारतम मिशन’ का मुख्य उद्देश्य देश की समृद्ध बौद्धिक और सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण करना है। यह मिशन प्राचीन ज्ञान, साहित्य, आयुर्वेद, खगोल विज्ञान और स्थानीय इतिहास के अमूल्य भंडार को सुरक्षित रखने पर केंद्रित है। उन्होंने बताया कि ताड़पत्र, भोजपत्र, कपड़े या पुराने कागजों पर लिखी ये पांडुलिपियां समय के साथ नष्ट होने के कगार पर हैं। इस मिशन के तहत इन धरोहरों को आधुनिक तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की सहायता से डिजिटल रूप में संरक्षित किया जाएगा। डीडीसी ने स्पष्ट किया कि पांडुलिपियों का स्वामित्व संबंधित व्यक्ति या संस्था के पास ही सुरक्षित रहेगा। जिला प्रशासन केवल वैज्ञानिक विधि से उनका डिजिटलीकरण कराएगा, ताकि उन्हें राष्ट्रीय डिजिटल रिपॉजिटरी का हिस्सा बनाया जा सके। जिला प्रशासन ने जिलेवासियों से अपील की है कि वे इस महत्वपूर्ण अभियान में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें। लोगों से अनुरोध किया गया है कि वे अपने पास उपलब्ध या जानकारी में आने वाली प्राचीन पांडुलिपियों की सूचना संबंधित प्रखंड विकास पदाधिकारी या जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी को उपलब्ध कराएं।
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