
BJP Protest Rahul Gandhi House: दिल्ली की सियासत आज शनिवार को उस समय उबाल पर आ गई जब भारतीय जनता पार्टी की महिला सांसदों और कार्यकर्ताओं ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के आवास के बाहर जमकर विरोध प्रदर्शन किया। यह हंगामा केंद्र सरकार के ‘महिला आरक्षण बिल’ (संविधान का 131वां संशोधन विधेयक) लोकसभा में दो-तिहाई बहुमत से पारित नहीं होने के एक दिन बाद हो रहा है। बताया जा रहा है, बिल गिरने के बाद BJP विपक्ष पर हमलावर है और इसीलिए राहुल गांधी के घर तक ‘आक्रोश मार्च’ निकाला, जो बाद में हिंसक झड़पों और पुलिस कार्रवाई में बदल गया।
पुलिस ने वाटर कैनन का किया इस्तेमाल
मोतीलाल नेहरू रोड पर स्थित राहुल गांधी के आवास की ओर बढ़ रही भाजपा की महिला कार्यकर्ताओं को रोकने के लिए दिल्ली पुलिस को कड़े इंतजाम करने पड़े। प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया और पूरे इलाके में भारी पुलिस बल तैनात रहा। इस प्रदर्शन का नेतृत्व दिल्ली BJP अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा और दिल्ली की CM रेखा गुप्ता कर रही थीं।
स्थिति उस समय और तनावपूर्ण हो गई जब प्रदर्शनकारियों ने वहां राहुल गांधी का पुतला फूंका। इसके बाद पुलिस ने कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सांसद बांसुरी स्वराज, केंद्रीय राज्य मंत्री रक्षा खडसे और भाजपा सांसद कमलजीत सहरावत समेत कई महिला नेताओं को हिरासत में ले लिया।
विपक्ष पर बरसीं स्मृति ईरानी और बांसुरी स्वराज
घटनास्थल पर मौजूद महिला नेताओं ने कांग्रेस और समूचे विपक्ष पर कड़े शब्दों में हमला बोला। स्मृति ईरानी ने इस स्थिति के लिए विपक्ष की नकारात्मक राजनीति को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि कल देश की जनता ने देखा कि कैसे विपक्ष ने एकजुट होकर भारत की साधारण महिला के राजनीतिक सपनों को कुचला है और इसका जश्न मनाया है।
वहीं, हिरासत में ली जाने से पहले सांसद बांसुरी स्वराज ने राहुल गांधी पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि राहुल गांधी ने देश की महिलाओं की पीठ में छुरा घोंपा है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष चाहता है कि महिलाओं की भागीदारी सिर्फ वोट देने तक ही सीमित रहे और जब उन्हें सियासी प्रतिनिधित्व देने की बात आई, तो कांग्रेस ने अपने स्वार्थ को प्राथमिकता दी।
हेमा मालिनी ने भी गहरी निराशा व्यक्त की
विरोध मार्च में शामिल हुईं मथुरा से सांसद और अभिनेत्री हेमा मालिनी ने भी अपनी गहरी निराशा व्यक्त की। उन्होंने कहा कि सरकार की तमाम कोशिशों के बावजूद विपक्ष ने जानबूझकर बिल को गिरने दिया, जिससे भारत भर की महिलाएं ठगा हुआ महसूस कर रही हैं। प्रदर्शनकारी महिलाओं के हाथों में ‘नारी शक्ति का स्वाभिमान, विपक्ष ने किया अपमान’ जैसी तख्तियां थीं, जो विपक्ष के खिलाफ उनके गुस्से को दर्शा रही थीं।