
सम्राट चौधरी बिहार में केंद्रीय नेतृत्व की बागडोर संभालने वाले हैं। उन्हें सर्वसम्मति से विधायक दल का नेता चुना गया है।
बिहार के नए सीएम के नाम का ऐलान होते ही लोगों का ध्यान अब बिहार के नए मुख्यमंत्री की आर्थिक स्थिति की ओर मुड़ गया है।
10 साल में 69 लाख से 11 करोड़ तक पहुंची संपत्ति
myneta.com पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार, सम्राट चौधरी के हालिया वित्तीय खुलासों से पता चलता है कि उनकी कुल संपत्ति (नेट वर्थ) लगभग ₹11.35 करोड़ है। यह लगभग एक दशक पहले की तुलना में एक उल्लेखनीय उछाल है, जब उनकी घोषित संपत्ति लगभग ₹69 लाख थी।
उनकी संपत्ति का अधिकांश हिस्सा रियल एस्टेट में लगा हुआ है, जिसमें जमीन और संपत्ति की होल्डिंग्स का मूल्य ₹9.36 करोड़ से अधिक है। इनमें तारापुर, मुंगेर और वैशाली में कृषि और गैर-कृषि जमीन के विभिन्न भूखंड शामिल हैं। उनके परिवार के पोर्टफोलियो में पटना में लगभग ₹58 लाख का एक कमर्शियल स्पेस भी शामिल है।
चल संपत्ति के रूप में लगभग ₹1.98 करोड़
तरल संपत्तियों (liquid assets) की बात करें तो, चौधरी के पास चल संपत्ति के रूप में लगभग ₹1.98 करोड़ हैं। इसमें म्यूचुअल फंड, बीमा पॉलिसियों और बचत योजनाओं का मिश्रण शामिल है। परिवार के पास सोने की भी अच्छी-खासी मात्रा है, जिसका मूल्य उनके और उनकी पत्नी के बीच मिलाकर ₹40 लाख है। रिकॉर्ड में उल्लिखित अन्य निजी वस्तुओं में एक महिंद्रा बोलेरो नियो शामिल है।
इसी के साथ दशकों तक किंगमेकर की भूमिका निभाने वाली भारतीय जनता पार्टी (BJP) अब बिहार में पहली बार ‘किंग’ की भूमिका में आ गई है। नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद सम्राट चौधरी को निर्विरोध नेता चुन लिया गया है। इसके मद्देनजर, चौधरी ने राजभवन जाकर राज्यपाल सैयद अता हसनैन के समक्ष सरकार बनाने का दावा पेश कर दिया है।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, सम्राट चौधरी बुधवार, 15 अप्रैल को सुबह 11 बजे पटना के लोकभवन में मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। उनके साथ नई मंत्रिपरिषद के कुछ अन्य सदस्य भी शपथ ले सकते हैं। इस समारोह में BJP के कई केंद्रीय दिग्गज और NDA के नेताओं के शामिल होने की उम्मीद है।