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नालंदा के नूरसराय प्रखंड की एक महिला के साथ हुए अन्याय के खिलाफ बिहार कुम्हार प्रजापति समन्वय समिति के बैनर तले मंगलवार को बिहार शरीफ के अस्पताल मोड़ पर एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन का आयोजन किया गया। प्रदर्शन में प्रजापति समाज के साथ-साथ अतिपिछड़ा समाज के लोग भी भारी संख्या में शामिल हुए। आंदोलन के दौरान वक्ताओं ने प्रशासनिक शिथिलता पर सवाल उठाए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर जमकर नारेबाजी की। धरना-प्रदर्शन के समापन के बाद समिति के एक प्रतिनिधिमंडल ने नालंदा के जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक से मुलाकात कर उन्हें एक मांग पत्र सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से प्रशासन से मांग की गई कि पीड़िता को शीघ्र न्याय दिलाने के लिए पुलिस तत्परता दिखाए और मामले के दोषियों के विरुद्ध ऐसी कार्रवाई की जाए। जिला अध्यक्ष सुबोध पंडित ने कहा कि इस तरह के जघन्य अपराध को अंजाम देने वाले दोषियों के लिए फांसी से कम कोई सजा नहीं होनी चाहिए, ताकि भविष्य में कोई ऐसी हिम्मत न कर सके। अपराधी किसी भी कीमत पर न बच पाएं
वहीं, जिला सचिव संजीव कुमार बिट्टू ने बिहार में अतिपिछड़ा समाज पर बढ़ते उत्पीड़न की घटनाओं पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि समाज की बेटी के साथ जो अपराध हुआ है, उसमें प्रशासन यह सुनिश्चित करे कि असली अपराधी किसी भी कीमत पर बचने न पाएं और किसी निर्दोष को परेशान न किया जाए। समाजसेवी प्रवेश कुमार ने सरकार से इस संवेदनशील मामले में हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा कि सरकार को चाहिए कि इस केस का स्पीडी ट्रायल किया जाए और एक महीने के भीतर दोषियों को सलाखों के पीछे भेजकर कड़ी सजा दिलाई जाए।
प्रदर्शन में ये रहे शामिल
प्रदर्शन में राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र के कई व्यक्तियों ने हिस्सा लेकर अपनी एकजुटता जाहिर की। कार्यक्रम में मुख्य रूप से भाजपा नेत्री शीला पंडित, जदयू नेता जनार्दन पंडित, अतिपिछड़ा नेता अवधेश पंडित के अलावा दिलीप मंडल, रंजीत शर्मा, सत्येंद्र शर्मा, गोरख ठाकुर, रामप्रीत चौहान और कुमारी सरोज सिन्हा सहित कई अन्य कार्यकर्ता और समाज के प्रतिनिधि मौजूद रहे। उपस्थित नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि पीड़िता को जल्द न्याय नहीं मिला तो आने वाले समय में आंदोलन को और भी तेज किया जाएगा।
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