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किशनगंज में पदस्थापित एसडीपीओ गौतम कुमार के ठिकानों पर आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने छापेमारी की है। इस कार्रवाई में उनकी आय से 600 प्रतिशत अधिक, लगभग 80 करोड़ रुपए की अकूत संपत्ति का खुलासा हुआ है। डीएसपी, उनकी पत्नी, सास और एक महिला मित्र के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है, जिनसे 6 अप्रैल को पटना में पूछताछ की जाएगी। यह छापेमारी 31 मार्च को पूर्णिया, किशनगंज और पटना में कुल छह ठिकानों पर की गई थी। तलाशी के दौरान 25 से अधिक जमीनों के दस्तावेज, महंगी गाड़ियां और विभिन्न निवेशों से संबंधित कागजात बरामद हुए। उनके सरकारी आवास से 1 लाख 37 हजार रुपये नकद भी मिले हैं। 6 अप्रैल को पटना में 4 लोगों से होगी पूछताछ इस मामले में दरोगा से डीएसपी बने गौतम कुमार, उनकी पत्नी रूबी कश्यप, सास पूनम देवी और महिला मित्र शगुफ्ता शमीम को आरोपी बनाया गया है। ईओयू ने इन सभी को 6 अप्रैल को पटना मुख्यालय में पूछताछ के लिए बुलाया है। यह कार्रवाई भ्रष्टाचार के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत की गई है। जांच में सामने आया है कि 1994 बैच के दरोगा गौतम कुमार ने अपने सेवाकाल के दौरान भारी मात्रा में अवैध संपत्ति अर्जित की। शगुफ्ता शमीम के घर से डीएसपी गौतम कुमार द्वारा खरीदे गए स्वर्ण आभूषण की कई रसीदें मिली हैं, साथ ही उनके बैंक खाते में डीएसपी द्वारा नकद राशि जमा करने और ऑनलाइन रकम ट्रांसफर के साक्ष्य भी मिले हैं। चार भूखंडों के दस्तावेज हुए बरामद पटना स्थित उनके पैतृक मकान की तलाशी में चार भूखंडों के दस्तावेज बरामद हुए हैं। इसके अलावा, डीएसपी गौतम कुमार द्वारा सिलीगुड़ी में चाय बागान में निवेश और नोएडा-गुड़गांव में संपत्ति खरीदने से संबंधित जानकारी भी मिली है, जिस पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। स्थानीय कोयला, शराब, इंट्री, लॉटरी माफियाओं और सुपारी तस्करों से उनके मधुर संबंध होने की जानकारी भी मिली है, जिसकी विस्तृत जांच की जाएगी।इस बीच, एसडीपीओ गौतम कुमार को तत्काल उनके पद से हटा दिया गया है। पुलिस मुख्यालय ने इस संबंध में पत्र जारी कर उन्हें पुलिस मुख्यालय में योगदान करने का निर्देश दिया है। उनकी जगह एसडीपीओ-2 मंगलेश कुमार सिंह को किशनगंज का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। मिली जानकारी के अनुसार विजिलेंस विभाग में रहकर गौतम कुमार ने काम किया, उसी विभाग की टीम आज उनके खिलाफ जांच की कार्रवाई कर रही है।
संपत्ति के स्रोत की पड़ताल कर रही जांच टीम सूत्र बताते हैं कि लंबे समय से उनकी संपत्ति को लेकर शिकायतें मिल रही थीं। प्रारंभिक जांच के बाद विजिलेंस ने छापेमारी का निर्णय लिया। फिलहाल पूरे मामले में ईओयू की टीम दस्तावेजों की जांच और संपत्ति के स्रोत की पड़ताल कर रही है। एसडीपीओ गौतम कुमार के द्वारा विभिन्न व्यक्तियों के नाम पर फर्जी सीम कार्ड प्रयोग करते थे, जिसका साक्ष्य प्राप्त हुआ है। आशंका है कि एसडीपीओ गौतम कुमार अवैध धन उगाही में फर्जी सीम का इस्तेमाल करते थे। इसके अलावा इनके स्थानीय कोयला, शराब, इन्ट्री, लॉटरी माफियाओं एवं सुपारी तस्करों से मधुर संबंध होने की भी जानकारी प्राप्त हुई है। जिस संबंध में सत्यापन किया जा रहा है।
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