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किशनगंज की ससुराल में करोड़ का बंगला पत्नी सरकारी टीचर लाख की थार से चलती है कैसे बनाई करोड़ की प्रॉपर्टी…




किशनगंज में तैनात DSP गौतम कुमार पर आरोप है कि उन्होंने अपनी 32 साल की नौकरी के दौरान करीब 80 करोड़ रुपए की बेनामी संपत्ति बनाई। महंगे रिसॉर्ट में खाना और फैमिली ट्रिप उनके लग्जरियस लाइफ स्टाइल का हिस्सा रहा है। पूर्णिया में जिस बंगले में वे रहते हैं, उसकी कीमत करीब 2.5 करोड़ रुपए बताई जा रही है। वहीं, फर्निशिंग पर 1 करोड़ रुपए से अधिक खर्च किए गए हैं। उनकी पत्नी सरकारी टीचर हैं, लेकिन 35 लाख रुपए की थार से चलती हैं। पिछले मंगलवार (31 मार्च) को EOU ने गौतम कुमार के 8 ठिकानों पर छापेमारी की। इनमें पूर्णिया के 3, किशनगंज के 2, जबकि पटना, अररिया और सिलीगुड़ी के एक-एक ठिकाने शामिल हैं। छापेमारी के दौरान जमीन के 36 दस्तावेज, LIC और नोएडा-गुड़गांव में किए गए निवेश से जुड़े डाक्यूमेंट्स बरामद किए गए। इसके अलावा 60 लाख रुपए के गहने, महंगी घड़ियां, क्रेटा और थार जैसी लग्जरी गाड़ियां भी मिली हैं। पद से हटाए गए गौतम कुमार DSP गौतम कुमार मूल रूप से सहरसा के रहने वाले हैं। वे छुट्टियों में परिवार के साथ अपने पुश्तैनी घर आते-जाते रहते हैं। पूर्णिया में उनका ससुराल है। वे 1994 बैच के SI हैं। गौतम कुमार को तत्काल पद से हटा दिया गया है। उन्हें पुलिस मुख्यालय में योगदान करने का आदेश दिया गया है। उनकी जगह पर एसडीपीओ 2 मंगलेश कुमार सिंह को किशनगंज का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। रेड से जुड़ी कुछ तस्वीरें… तीन साल के अफेयर के बाद की शादी गौतम कुमार की निजी जिंदगी भी काफी चर्चित रही है। 1995 में नौकरी लगने के करीब एक साल बाद उन्होंने अपनी गर्लफ्रेंड रूबी कश्यप से इंटरकास्ट मैरिज की। पूर्णिया की रहने वाली रूबी और गौतम के बीच 3 साल से अफेयर चल रहा था। पूर्णिया के कोरठबाड़ी में गौतम का ससुराल है। शादी के बाद उनके परिवार में तीन बेटों का जन्म हुआ। कुछ साल बाद उनकी पत्नी रूबी कश्यप की भी सरकारी नौकरी लग गई और वे रिफ्यूजी कॉलोनी स्थित एक सरकारी स्कूल में टीचर बन गईं। परिवार बढ़ने और पत्नी की नौकरी को देखते हुए गौतम कुमार ने पूर्णिया के हाउसिंग कॉलोनी में एक आलीशान बंगला बनवाया। जिसकी कीमत करोड़ों में है। ये बंगला उनकी संपत्ति का प्रमुख हिस्सा है। उनके दो बेटे बिहार से बाहर पढ़ाई कर रहे हैं। जबकि पत्नी और सबसे छोटा बेटा पूर्णिया में ही रहते हैं। पत्नी की थार पर पुलिस का लोगो पत्नी भले ही सरकारी स्कूल की टीचर हैं, लेकिन उनकी लाइफ स्टाइल चर्चा में है। वे करीब 35 लाख रुपए की लग्जरी थार से चलती हैं। पति की पावर की हनक ऐसी की थार पर पुलिस का लोगो भी लगा रखा है। ससुराल में रहने वाले सदस्यों के पास भी अपनी पर्सनल कार है। सभी सरकारी जॉब में हैं। साला मनीष डगरूआ प्रखंड में सरकारी शिक्षक है। साली रूमा राज मुंगेर की पूर्व मेयर और दूसरी साली रमा राज पंजाब नेशनल बैंक में ब्रांच मैनेजर हैं। 1996 में किशनगंज में पोस्टिंग, पूर्णिया में 10 साल ड्यूटी गौतम कुमार ने साल 1994 में पुलिस सेवा जॉइन की थी। दो साल बाद, 1996 में उनकी पहली पोस्टिंग बतौर दरोगा किशनगंज में हुई। उनके बैच के साथियों के मुताबिक, उन्होंने शुरुआत से ही एक सख्त और कड़क पुलिस अफसर की छवि बनाई। नाम न बताने की शर्त पर साथी बताते हैं कि अपराधी उनके नाम से ही खौफ खाते थे। इसी छवि को उन्होंने धीरे-धीरे अपना सबसे बड़ा हथियार बना लिया। अपराधियों, माफियाओं और जालसाजों के बीच डर का माहौल खड़ा कर उन्होंने अपनी पकड़ मजबूत की, जो आगे चलकर उनके करियर की पहचान भी बनी और अब सवालों के घेरे में भी है। इसके बाद पूर्णिया में ट्रांसफर हो गया। उन्होंने यहां 10 साल ड्यूटी की। वीके. हाट सहायक खजांची थाना में SI रहे। वे डगरूआ में थाना प्रभारी भी बनाए गए। 2004 से 2005 में सहायक खजांची प्रभारी बने। इसी दौरान माधोपारा के आशियाना कॉलोनी के रहने वाले ठिकेदार शमीम से उनकी जान पहचान हुई। घर आना जाना बढ़ गया। इसी दौरान उनकी मुलाकात शमीम की 5 बेटियों में से एक शगुफ्ता परवीन से हुई। गर्लफ्रेंड शगुफ्ता के नाम से खरीदी जमीन दोनों की नजदीकियां बढ़ी और दोनों का प्यार भी परवान चढ़ा। शगुफ्ता के पिता ठिकेदार थे। इनकी ही मदद से DSP ने जमीन खरीदी। ये लैंड गर्लफ्रेंड शगुफ्ता के नाम से खरीदी गई। इसी जमीन को बाद में बेटे के नाम पर ट्रांसफर करा लिया। अपने लंबे कार्यकाल के दौरान उन्होंने अधिकतर समय सीमांचल के चार जिलों किशनगंज, अररिया, पूर्णिया और कटिहार में ही सेवा दी। वे जिस थाने के थानेदार बने वहां अवैध बालू खनन, लॉटरी माफिया, तस्करी और लूट के कई मामलों में सक्रिय भूमिका निभाई। इससे कई बड़े गिरोहों का भंडाफोड़ हुआ था। इनसे काली कमाई का आरोप लगा। इसी के बाद वे EOU की रडार पर आए। आर्थिक अपराध इकाई ने SDPO गौतम कुमार के खिलाफ 29 मार्च को आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप में केस दर्ज किया। 3600 स्क्वायर फीट में 4 मंजिला आलीशान मकान EOU के मुताबिक पूर्णिया में उनका करीब 3600 स्क्वायर फीट में 4 मंजिला आलीशान मकान है, जिसकी कीमत लगभग 2.5 करोड़ है। मकान निर्माण में 1 करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च किए गए हैं। छापेमारी में महंगी घड़ियां, क्रेटा और थार जैसी लग्जरी गाड़ियां भी बरामद हुई। पटना में नर्सिंग होम खोलने की योजना से जुड़े नक्शे भी मिले हैं, जिसकी जांच जारी है। वहीं, ससुराल से उनकी पत्नी के सोने के गहने और निवेश से जुड़े दस्तावेज मिले हैं। गर्लफ्रेंड शगुफ्ता शमीम के घर से 7 प्लॉट के कागजात और करीब 60 लाख रुपए के गहने बरामद हुए हैं। साथ ही उनके बैंक खाते में गौतम कुमार की ओर से पैसे जमा करने और ट्रांसफर करने के सबूत भी मिले हैं। किशनगंज स्थित सरकारी आवास से 1.37 लाख रुपए नकद और निवेश से जुड़े कागजात मिले हैं। पटना के पैतृक घर से भी 4 प्लॉट के दस्तावेज बरामद किए गए हैं। गौतम कुमार ने सिलीगुड़ी में चाय बागान और नोएडा-गुड़गांव में भी संपत्ति में निवेश किया है। इसके अलावा कई बदमाशों और माफियाओं से सांठगांठ की भी बात सामने आई है। विधायक के साथ चाय बागान, नोएडा में फ्लैट जांच में पता चला है कि DSP गौतम कुमार पहले भी अररिया में अवैध वसूली करते हुए निगरानी के हत्थे चढ़ चुके हैं। चर्चा है कि उन्होंने पूर्णिया के एक विधायक के साथ सिलीगुड़ी में चाय बागान खरीदा है। इसके अलावा नोएडा और गुरुग्राम के डीएलएफ में भी उनके फ्लैट और निवेश की बात सामने आई है। EOU अब उनके 1994 के भर्ती रिकॉर्ड की भी जांच कर सकती है। उसकी संपत्ति सिलिगुड़ी, गंगटोक में भी है।



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