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मोकामा से बाहुबली विधायक अनंत सिंह के दोनों भतीजों राजवीर और कर्मवीर को पटना हाईकोर्ट से जमानत मिल गई है। अनंत सिंह की गिरफ्तारी के बाद दोनों ने पटना सिविल कोर्ट में एंटीसिपेटरी बेल फाइल की थी। यहां से रिजेक्ट होने के बाद हाईकोर्ट में अर्जी लगाई गई थी। अब पटना हाई कोर्ट ने दोनों को अग्रिम जमानत दे दी है। इनके खिलाफ भदौर थाने में दुलारचंद की हत्या में शामिल होने का आरोप था। शिकायत दर्ज कराई गई थी। अनंत सिंह को पहले ही मिल चुकी बेल बचाव पक्ष की वकील कुमार हर्षवर्धन ने बताया कि जस्टिस प्रभात कुमार सिंह के कोर्ट में सुनवाई हुई। उन्होंने पक्ष सुनने के बाद अग्रिम जमानत की मंजूरी दे दी। इसी मामले में अनंत सिंह को पहले ही रेगुलर बेल मिल चुकी है। राजवीर और कर्मवीर पर आरोप लगा था कि इन्होंने दुलारचंद को गाड़ी से खींचा और उन्हें गोली मार दी थी, पर दुलाचंद की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मौत का कारण “blunt substance” यानी ठोस वस्तु से चोट लगना बताया गया है। वकील ने तर्क दिया कि इससे यह साबित नहीं होता कि गोली से मौत हुई। एक सप्ताह पहले अनंत सिंह भी रिहा हो चुके एक सप्ताह पहले मोकामा के बाहुबली अनंत सिंह भी जेल से रिहा हो चुके हैं। जिसके बाद शक्ति प्रदर्शन के साथ अपने पटना स्थित विधायक आवास पर पहुंचे थे। यहां से वो मोकाम गए। दुलारचंद यादव हत्याकांड में अनंत सिंह जमानत पर हैं। उन्हें 15-15 हजार के बेल बॉन्ड पर जमानत दी गई है। कोर्ट में पुलिस की थ्योरी हत्या का कारण स्पष्ट नहीं कर पाई, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और घटनास्थल का सीन भी संदिग्ध ही रहा। हालांकि कोर्ट ने कुछ शर्तों के साथ उन्हें जमानत दी है।
कोर्ट ने 4 आधार पर जमानत दी 1. प्रत्यक्ष साक्ष्य कमजोर साबित हुए 2. गवाहों के बयान में अंतर पाया गया 3. घटना की परिस्थितियों पर संदेह रहा 4. केस डायरी के तथ्य कोर्ट में निर्णायक साबित नहीं हुए
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