
Uttarakhand news: उत्तराखंड की पुष्कर सिंह धामी सरकार का आज (20 मार्च) कैबिनेट विस्तार हुआ है। कैबिनेट में पांच विधायकों को जगह मिली है, जिसमें राजपुर सीट से विधायक खजान दास, रुड़की से विधायक प्रदीप बत्रा, हरिद्वार से विधायक मदन कौशिक, नैनीताल के भीमताल सीट से विधायक राम सिंह कैड़ा और रुद्रप्रयाग सीट से विधायक भरत चौधरी शामिल हैं।
इस कैबिनेट विस्तार के जरिए सरकार ने जातीय समीकरण को भी साधने की कोशिश की है। जिन नए चेहरों को कैबिनेट में जगह मिली है, उनमें एक अनुसूचित जाति, एक ब्राह्मण विधायक, दो ठाकुर विधायक और एक पंजाबी विधायक शामिल हैं।
दरअसल, धामी मंत्रिमंडल में पांच पद रिक्त थे। पहले तीन पद खाली पड़े थे। इस बीच 26 अप्रैल 2023 को कैबिनेट मंत्री चंदन राम दास का निधन हो गया, जिस वजह से खाली पदों की संख्या चार हो गई। साल 2025 में विवादित बयान के चलते कैबिनेट मंत्री प्रेम चंद्र अग्रवाल को पद छोड़ना पड़ा था। तब से धामी कैबिनेट में खाली पदों की संख्या पांच हो गई थी। 2027 में उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव होने हैं। इससे पहले कैबिनेट विस्तार महत्वपूर्ण हो गया था।
जानिए पांच नए मंत्रियों के बारे में…
खजान दास- खजान दास देहरादून जिले की राजपुर सीट से लगातार दो बार चुनाव जीते हैं। वे पहले सरकार में शिक्षा में राज्यमंत्री भी रह चुके हैं। दास 2017 में टिहरी जिले से चुनाव जीते थे। वह संगठन के पदों पर भी रह चुके हैं। फिलहाल दास बीजेपी के प्रवक्ता भी हैं।
प्रदीप बत्रा- प्रदीप हरिद्वार जिले में रुड़की विधानसभा से तीन बार के विधायक हैं। वह पंजाबी समाज से आते हैं। प्रदीप उन नेताओं में शामिल थे, जिन्होंने हरीश रावत सरकार के दौरान कांग्रेस से बगावत कर बीजेपी का दामन थामा था।
मदन कौशिक- वे बीजेपी का बड़ा ब्राह्मण चेहरा हैं और हरिद्वार से पांच बार के विधायक रहे हैं। मदन कौशिक पूर्व मंत्री और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भी रहे चुके हैं। साल 2002 से वह हरिद्वार से लगातार विधायक चुनते आ रहे हैं।
राम सिंह कैड़ा- नैनीताल जिले की भीमताल सीट से राम सिंह कैड़ा दो बार के विधायक हैं। 2017 में वह निर्दलीय के तौर पर भीमताल से जीते थे। राम सिंह कैड़ा लंबे समय तक कांग्रेस से भी जुड़े रहे।
भरत चौहान- रुद्रप्रयाग विधानसभा से भरत चौहान दो बार के बीजेपी विधायक हैं। वह राजनीति में चार दशक से हैं।