
LPG Crisis: अमेरिका-इजरायल और ईरान युद्ध के बीद देश में एलपीजी गैस को सिलेंडर लेकर मची मारामारी और जमाखोरी की खबरें लगातार सामने आ रही है। एलपीजी की कमी से जनता को परेशानी न हो, इसके लिए सरकार भी सतर्क है और लगातार कदम उठा रही है। इस बीच ईरान की विशेष अनुमति स्ट्रेट होर्मुज को पार कर एलपीजी गैस से भरे जहाज लगातार भारत आ रहे हैं। अब दो और जहाज स्ट्रेट ऑफ होर्मुस के रास्ते से इंडिया आ रहे हैं। ‘नंदा देवी’ जहाज कुछ देर में गुजरात पहुंचने वाला है।
होर्मुज स्ट्रेट पर भारतीय झंडे वाले 24 जहाज फंसे हुए थे। इससे पहले सोमवार (16 मार्च) शाम ‘शिवालिक’ जहाज 45000 मीट्रिक टन गैस लेकर गुजरात के मुद्रा पोर्ट पहुंचा। आज (17 मार्च) को ‘नंदा देवी’ और ‘जग लाड़की’ भारत आ रहे हैं।
जानकारी के अनुसार LPG टैंकर ‘नंदा देवी’ गुजरात के कांडला पोर्ट पहुंचने वाला है। यह टैंकर कतर के रास लाफान बंदरगाह से सुबह से रवाना हुआ था। 14 मार्च को इसने युद्ध के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पार किया था। इस जहाज पर लगभग 46,000 मीट्रिक टन LPG लदी हुई है। ईरान ने 14 मार्च को इन दोनों भारतीय जहाजों को होर्मुज स्ट्रेट पार करने की इजाजत दे दी थी। एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत में हर दिन 55,000 मीट्रिक टन से ज्यादा एलपीजी का इस्तेमाल होता है।
इतना ही नहीं, इस बीच एक अन्य भारतीय ध्वज वाला तेल टैंकर ‘जग लाडकी’ भी भारत पहुंचने वाला है। शिपिंग मंत्रालय के अधिकारी राजेश कुमार सिन्हा ने सोमवार को जानकारी देते हुए बताया था कि संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के फुजैराह बंदरगाह पर हमले के बावजूद भारतीय ध्वज वाला कच्चा तेल टैंकर सुरक्षित निकलने में कामयाब हुआ। यह भी मंगलवार, 17 मार्च को भारत पहुंचेगा। उन्होंने यह भी कहा कि क्षेत्र में फंसे अन्य भारतीय ध्वज वाले जहाजों को भारत सुरक्षित निकलने का रास्ता साफ करने के लिए काम कर रहा है। ‘जग लाडकी’ जहाज के जरिए करीब 80,800 टन मुर्बन कच्चा तेल भारत आ रहा है।
वैसे होर्मुज स्ट्रेट पर अब भी भारत के 22 जहाज फंसे हुए हैं। बताया गया है कि इन जहाजों में 611 भारतीय नाविक सवार हैं, जो सुरक्षित हैं।