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परीक्षा के सवाल में पंडित ऑप्शन पर मचा बवाल डिप्टी ब्रजेश पाठक भी बिफरे अब पुलिस भर्ती बोर्ड ने दी सफाई…



UP News: ‘घूसखोर पंडित’ वेब सीरीज को लेकर बीते दिनों काफी हंगामा बरपा था। अब उत्तर प्रदेश पुलिस सब-इंस्पेक्टर (SI) भर्ती परीक्षा में एक सवाल को लेकर भी ऐसा ही बवाल खड़ा हुआ है। परीक्षा की पहली शिफ्ट में हिंदी सेक्शन में पूछे गए एक प्रश्न के ऑप्शन पर आपत्ति जताई जा रही है। इस पर डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने सख्त कार्रवाई की बात कही। वहीं मामले के तूल पकड़ने के बाद परीक्षा नियंत्रक की इस पर सफाई भी आई है।

दरअसल, सब-इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा के प्रश्नपत्र में पूछे गए सवाल पर हंगामा हो रहा है। शनिवार (14 मार्च) को आयोजित परीक्षा में एक सवाल पूछा गया था- अवसर के अनुसार बदल जाने वालों के लिए एक शब्द में उत्तर दें। इसके लिए चार ऑप्शन दिए गए थे- पंडित, अवसरवादी, निष्कपट और सदाचारी।

सवाल के ऑप्शन में पंडित शब्द का इस्तेमाल होने पर बवाल खड़ा हो गया। कई लोगों ने इस पर आपत्ति जताई। मामला तूल पकड़ता जा रहा था। इस बीच उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड के परीक्षा नियंत्रक ने मामले पर सफाई दी। बयान में कहा गया, “बोर्ड यह अवगत कराना चाहता है कि पुलिस भर्ती बोर्ड द्वारा अपने प्रश्न पत्र खुद स्थानीय स्तर पर निर्धारित नहीं किए जाते हैं। यह कार्य अतिगोपनीय संस्थाओं के द्वारा इस प्रकार कराया जाता है कि परीक्षा से पहले प्रश्नपत्रों की गोपनीयता अक्षुण्ण रहे। इस गोपनीयता को बनाए रखने के लिए बोर्ड स्तर पर भी किसी अधिकारी, कर्मचारी द्वारा गोपनीय सामग्री अर्थात प्रश्नपत्रों का अवलोकन नहीं किया जाता है।”

जांच के आदेश, दोषी पर होगी कार्रवाई

बयान में कहा गया कि प्रश्नपत्रों के सील्ड पैकेटों को परीक्षा केंद्रों पर ही परीक्षा कक्षों में दो अभ्यर्थियों के समक्ष पहली बार खोला जाता है और उसके बाद वितरित किया जाता है। 14 मार्च 2026 के प्रथम पाली के संदर्भित प्रश्न के संबंध में जांच के आदेश दिए गए हैं। जांच में जो दोषी पाया जाएगा, उस पर सख्त कार्रवाई होगी।

ब्रजेश पाठक ने कहा- यह बिल्कुल स्वीकार्य नहीं

इससे पहले विवाद पर डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने पोस्ट किया था। उन्होंने परीक्षा में आए प्रश्न के विकल्प पर कड़ी आपत्ति जताई और कहा कि सरकार ने गंभीरता से इस पर संज्ञान में लिया है। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रश्न से किसी समाज या वर्ग की गरिमा को ठेस पहुंचती है तो यह बिल्कुल स्वीकार्य नहीं है। मैं स्पष्ट कहना चाहता हूं कि किसी भी जाति, समुदाय या परंपरा के प्रति अपमानजनक शब्दों को कोई स्थान नहीं मिलना चाहिए। इस पूरे मामले की तत्काल जांच के निर्देश दिए गए हैं। संबंधित जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार सभी समाजों के सम्मान, समानता और संवेदनशीलता के सिद्धांत पर काम करती है। प्रदेश के हर नागरिक की गरिमा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।



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