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मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार को सहरसा में अपनी ‘समृद्धि यात्रा’ के दौरान आयोजित जन संवाद कार्यक्रम में राज्य के विकास, रोजगार और स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य अगले पांच वर्षों में बिहार के एक करोड़ युवाओं को नौकरी और रोजगार उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि राज्य में युवाओं को अवसर देने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार नई योजनाएं लागू की जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए एक बड़ा फैसला लेने की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि जल्द ही ऐसी नीति लागू की जाएगी, जिसके तहत सरकारी डॉक्टरों की निजी प्रैक्टिस पर पूरी तरह से रोक लगा दी जाएगी, ताकि सरकारी अस्पतालों में मरीजों को बेहतर और समय पर इलाज मिल सके। स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार का बड़ा कदम मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2006 से पहले प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की स्थिति बेहद खराब थी और वहां मरीजों की संख्या बहुत कम होती थी। उन्होंने कहा कि 2006 से पहले एक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में औसतन प्रति माह सिर्फ 39 मरीज इलाज के लिए आते थे, लेकिन सरकार द्वारा किए गए सुधारों के बाद अब यह संख्या बढ़कर लगभग 11,600 प्रति माह हो गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बदलाव स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार का बड़ा प्रमाण है। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों की निजी प्रैक्टिस पर रोक लगाने का फैसला इसलिए लिया जा रहा है ताकि डॉक्टर सरकारी अस्पतालों में अधिक समय दें और गरीब मरीजों को बेहतर इलाज मिल सके। कानून-व्यवस्था पर भी बोले मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री ने राज्य की कानून-व्यवस्था की स्थिति पर भी विस्तार से बात की। उन्होंने कहा कि वर्ष 2005 से पहले बिहार में भय और अराजकता का माहौल था। लोग शाम होते ही घर से निकलने से डरते थे और अपराध की घटनाएं आम थीं। उन्होंने कहा कि 2005 के बाद सरकार ने कानून व्यवस्था को मजबूत करने के लिए लगातार कदम उठाए। इसके परिणामस्वरूप अब राज्य में कानून का राज स्थापित हो चुका है और लोग खुद को सुरक्षित महसूस कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने सामाजिक सौहार्द को मजबूत करने के लिए किए गए कार्यों का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि वर्ष 2006 से राज्य के कब्रिस्तानों की घेराबंदी कराई गई, जबकि 2016 से पुराने हिंदू मंदिरों की भी घेराबंदी कराई जा रही है। इससे जमीन से जुड़े विवादों और चोरी की घटनाओं में काफी कमी आई है। सहरसा में तेजी से हो रहा विकास मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में सहरसा जिले में चल रहे विकास कार्यों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जिले में मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है और इसके पूरा होने के बाद इलाके के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकेंगी। इसके अलावा जिले में इंजीनियरिंग कॉलेज, पॉलिटेक्निक और महिला आईटीआई पहले ही स्थापित किए जा चुके हैं, जिससे युवाओं को तकनीकी शिक्षा का लाभ मिल रहा है। उन्होंने कहा कि सहरसा शहर में रेलवे ओवरब्रिज, बाईपास और स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज सिस्टम का निर्माण कार्य भी प्रगति पर है। इन परियोजनाओं के पूरा होने से शहर में यातायात की समस्या कम होगी और जलजमाव से भी राहत मिलेगी। उग्रतारा मंदिर का होगा विकास, बनेगा खेल परिसर मुख्यमंत्री ने धार्मिक और खेल सुविधाओं के विकास को लेकर भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि जिले के प्रसिद्ध Maa Ugratara Temple का विकास किया जाएगा, जिससे यहां आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। इसके साथ ही सहरसा में एक आधुनिक खेल परिसर (सेंटर ऑफ एक्सीलेंस) बनाने की भी योजना है, जहां युवाओं को विभिन्न खेलों का प्रशिक्षण दिया जाएगा और उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा। शिक्षा के क्षेत्र में भी कई योजनाएं मुख्यमंत्री ने शिक्षा क्षेत्र में सरकार द्वारा किए जा रहे कार्यों की जानकारी देते हुए कहा कि राज्य में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि सहरसा जिले के सभी 10 प्रखंडों में आदर्श विद्यालय और डिग्री कॉलेज खोलने की योजना बनाई गई है, ताकि छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए दूर न जाना पड़े। उन्होंने कहा कि राज्य में अब तक 5 लाख 24 हजार सरकारी शिक्षक कार्यरत हैं। नियोजित शिक्षकों को परीक्षा के माध्यम से सरकारी शिक्षक बनाया जा रहा है। चार चरणों में आयोजित परीक्षा में अब तक 2 लाख 66 हजार शिक्षक सफल हो चुके हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि शेष 73 हजार शिक्षकों को एक और मौका दिया जाएगा, ताकि वे परीक्षा पास कर सरकारी शिक्षक बन सकें। इसके अलावा राज्य में 45 हजार नए पदों पर हेडमास्टर की बहाली की प्रक्रिया भी जल्द शुरू की जाएगी। युवाओं के भविष्य पर सरकार का फोकस मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का मुख्य उद्देश्य युवाओं को बेहतर शिक्षा और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में रोजगार सृजन, शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में और बड़े कदम उठाए जाएंगे, ताकि बिहार को विकास के रास्ते पर तेजी से आगे बढ़ाया जा सके। उन्होंने लोगों से विकास कार्यों में सहयोग करने और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की अपील भी की। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार सबके विकास के लिए काम कर रही है और आने वाले समय में राज्य में और अधिक बदलाव देखने को मिलेगा।
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