
Indian Army News: लाइन ऑफ कंट्रोल (LoC) पर नौशेरा सेक्टर में लश्कर का सीनियर कमांडर हमजा यूसुफ मारा गया। घटना कल (10 मार्च) दोपहर की बताई जा रही है, जब हमजा भारत में घुसपैठ की कोशिश कर रहा था। लेकिन सेना की त्वरित कार्रवाई ने इस खतरे को समय रहते खत्म कर दिया।
आतंकवादियों को भारत भेजता था हमजा
हमजा यूसुफ पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर (PoJK) के खुरेइता इलाके से जुड़ा था। वह लश्कर के ‘लॉन्चपैड’ कैडर का प्रमुख सदस्य था और आतंकवादियों को भारत में भेजने की जिम्मेदारी संभालता था। सूत्रों के मुताबिक, उसने पीर पंजाल क्षेत्र में आतंकवादी हमलों की योजना बनाई थी। ऐसे में यूसुफ की मौत से क्षेत्रीय सुरक्षा को और मजबूती मिली है।
पाकिस्तान से जुड़े होने के मिले सबूत
ऑपरेशन के दौरान सेना ने हथियारों का बड़ा जखीरा बरामद किया। इसमें 1 AK राइफल, 2 पिस्तौल, 3 हैंड ग्रेनेड, 6 मैगजीन, मोबाइल फोन, पाकिस्तानी ID कार्ड और पाकिस्तानी करेंसी शामिल हैं। ये सामान पाकिस्तान से जुड़े होने के साफ-साफ सबूत हैं।
यह ऑपरेशन भारतीय सेना की सतर्कता और तैयारी दिखाता है। LoC पर घुसपैठ की कोशिशें लगातार जारी हैं, लेकिन सेना की मजबूत निगरानी ने ऐसी योजनाओं को नाकाम करती है। जम्मू-कश्मीर में शांति बनाए रखने के लिए ऐसे ऑपरेशन जरूरी हैं। हालांकि यह एक बड़ी सफलता है, लेकिन सीमा पार से आतंकवाद का खतरा बरकरार है। सूत्रों का कहना है कि लश्कर जैसे संगठन नए सिरे से सक्रिय हो सकते हैं। सरकार और सुरक्षा बल मिलकर क्षेत्र की सुरक्षा सुनिश्चित कर रहे हैं।
इससे पहले 23 फरवरी को सेना ने बताया कि 326 दिन के ऑपरेशन के बाद, किश्तवाड़ से आतंक के नेटवर्क को समाप्त किया गया। भारतीय सेना की व्हाइट नाइट कोर ने बताया कि इस दौरान 7 आतंकियों को मार गिराया गया। इनमें जैश का कमांडर सैफुल्लाह भी शामिल था, जो किश्तवाड़ क्षेत्र में आतंक का सरगना माना जाता था।