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जमीन पर गिरने से पहले पेड़ से टकराया था अजित पवार का विमान शुरुआती जांच में बड़ा खुलासा इस वजह से हुआ था…



राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के वरिष्ठ नेता और महाराष्ट्र के पूर्व उप-मुख्यमंत्री अजित पवार (Ajit Pawar) को ले जा रहे विमान दुर्घटना की शुरुआती जांच रिपोर्ट सामने आ गई है। एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) द्वारा जारी इस रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि 28 जनवरी 2026 को बारामती एयरपोर्ट पर विजिबिलिटी बेहद कम थी, जो VFR (विजुअल फ्लाइट रूल्स) उड़ानों के लिए निर्धारित न्यूनतम मानक 5 किलोमीटर से काफी नीचे थी। रिपोर्ट में दुर्घटना के संभावित कारणों पर चर्चा की गई है।

रिपोर्ट के अनुसार, वीएसआर वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड का Learjet 45XR विमान मुंबई से बारामती जा रहा था। यह एक नॉन-शेड्यूल्ड चार्टर फ्लाइट थी, जिसमें अजित पवार समेत दो पायलट, एक केबिन अटेंडेंट और दो पैसेंजर सवार थे। विमान ने मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट से सुबह करीब 8:10 बजे उड़ान भरी थी और बारामती पहुंचते हुए रनवे 11 पर लैंडिंग की कोशिश की। हालांकि, कम विजिबिलिटी के कारण पहली अप्रोच में गो-अराउंड (उड़ान रद्द कर दोबारा प्रयास) किया गया। दूसरी अप्रोच के दौरान विमान रनवे के बाएं तरफ क्रैश हो गया, जिससे आग लग गई और सभी सवारों की मौत हो गई।

रिपोर्ट में बताया गया है कि बारामती एक अनकंट्रोल्ड एयरफील्ड है, जहां कोई नेविगेशनल एड्स नहीं हैं, सिवाय विंड सॉक्स के। एयरपोर्ट पर विजिबिलिटी 3 किलोमीटर बताई गई थी, जो VFR उड़ानों के लिए कम थी। पास के पुणे और मुंबई एयरपोर्ट्स पर भी उस समय विजिबिलिटी 2-2.5 किलोमीटर थी, लेकिन बारामती में पैचेस में कोहरे की संभावना जताई गई है। 

विमान के मलबे की जानकारी भी रिपोर्ट में शामिल है, जिसमें दिखाया गया है कि विमान पहले पेड़ से टकराया और फिर जमीन पर गिरा। AAIB की रिपोर्ट में जांच की प्रगति पर विस्तार से जानकारी दी गई है। 

रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि दोनों पायलट अनुभवी थे। पायलट-इन-कमांड (PIC) की उम्र 61 वर्ष थी और उनका कुल फ्लाइंग अनुभव 18,855 घंटे था, जबकि फर्स्ट ऑफिसर (FO) 25 वर्ष के थे और उनका अनुभव 2,490 घंटे था। दोनों ने पहले बारामती पर उड़ान भरी थी और VIP फ्लाइट्स का अनुभव था। प्री-फ्लाइट ब्रेथ एनालाइजर टेस्ट निगेटिव था और पोस्ट-मॉर्टम रिपोर्ट में मौत का कारण “मल्टीपल इंजरी और बर्न्स” बताया गया है।

रिपोर्ट में विमानन सुरक्षा बढ़ाने के लिए DGCA को सिफारिश की गई है कि अनकंट्रोल्ड एयरफील्ड्स पर VFR उड़ानों के लिए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) का सख्त पालन सुनिश्चित किया जाए। उड़ानें केवल न्यूनतम मौसम मानकों (5 किमी विजिबिलिटी) में ही अनुमत हों। चार्टर, प्राइवेट और नॉन-शेड्यूल्ड उड़ानों का नियमित ऑडिट किया जाए। इन एयरपोर्ट्स पर लैंडिंग एड्स जैसे बेहतर MET सुविधाएं, बाउंड्री वॉल, ARFF यूनिट को मजबूत किया जाए।

रिपोर्ट में जोर दिया गया है कि जांच का उद्देश्य किसी भी दोष लगाना नहीं, बल्कि भविष्य में दुर्घटनाओं की रोकथाम है। AAIB ने कहा है कि अंतिम रिपोर्ट जांच पूरी होने के बाद जारी की जाएगी। यह दुर्घटना महाराष्ट्र की राजनीति में एक बड़ा झटका थी, क्योंकि अजीत पवार एक प्रमुख नेता थे। 



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