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अररिया जिला प्रशासन के फेसबुक पेज पर आयोजित एक लाइव सत्र में सखी वन स्टॉप सेंटर की केंद्र प्रशासक वर्षा रानी ने घरेलू हिंसा से पीड़ित महिलाओं को उपलब्ध सहायता और सहयोग की विस्तृत जानकारी दी। महिला एवं बाल विकास निगम, बिहार के अंतर्गत संचालित यह केंद्र अररिया समाहरणालय के प्रांगण में स्थित है। सखी वन स्टॉप सेंटर भारत सरकार की एक प्रमुख योजना है, जिसे 1 अप्रैल 2015 से पूरे देश में लागू किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य हिंसा से पीड़ित महिलाओं को एक ही छत के नीचे सभी आवश्यक सेवाएं निःशुल्क उपलब्ध कराना है। इस योजना का मूल मंत्र ‘एक ही जगह पर एकीकृत सहारा’ है। सभी प्रभावित महिलाओं को समान सहायता प्रदान की जाती वर्षा रानी ने बताया कि निजी या सार्वजनिक स्थानों पर होने वाली घरेलू हिंसा, यौन उत्पीड़न, एसिड अटैक, मानव तस्करी, दहेज प्रताड़ना, साइबर क्राइम, पोक्सो एक्ट से संबंधित अपराध या किसी भी प्रकार की हिंसा का शिकार महिलाएं इस केंद्र से लाभ उठा सकती हैं। जाति, वर्ग, धर्म या वैवाहिक स्थिति की कोई बाधा नहीं है, सभी प्रभावित महिलाओं को समान सहायता प्रदान की जाती है। केंद्र के माध्यम से आपातकालीन चिकित्सकीय सहायता, मनोसामाजिक परामर्श और काउंसलिंग, कानूनी सहायता एवं पुलिस में शिकायत दर्ज कराने में मदद, अस्थायी आश्रय की व्यवस्था और परिवहन सुविधा सहित अन्य आवश्यक सहयोग प्रदान किए जाते हैं। 24×7 आपातकालीन सहायता के लिए तैयार अररिया में यह केंद्र समाहरणालय परिसर में स्थित है और 24×7 आपातकालीन सहायता के लिए तैयार रहता है। महिलाएं हेल्पलाइन नंबर 181 या सीधे केंद्र से संपर्क कर सहायता प्राप्त कर सकती हैं। जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे इस योजना की जानकारी अधिक से अधिक साझा करें ताकि जरूरतमंद महिलाएं समय पर मदद पा सकें।
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