
AI समिट में प्रदर्शन के कारण गिरफ्तार किए गए कांग्रेस नेता उदय भानु चिब को कोर्ट से जमानत मिल गई है। उदय भानु चिब को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार किया था, जिसके बाद रिमांड पर ले लिया था। अब चिब के बेल मिलने से कांग्रेस को भी बड़ी राहत मिली होगी। यूथ कांग्रेस के कई नेताओं को पुलिस ने इस मामले में कई राज्यों से गिरफ्तार किया है।
इससे पहले चिब के वकील एडवोकेट सुलेमान मोहम्मद खान ने बताया कि ‘दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने उदय भानु चिब की पुलिस कस्टडी बढ़ाने के लिए एक एप्लीकेशन दी है। उन्होंने रिमांड को 7 दिन बढ़ाने की मांग की है, और एक आरोपी की पांच दिन और दूसरे की दो दिन की रिमांड के लिए दो एप्लीकेशन भी दी हैं। हमने भी नेशनल प्रेसिडेंट उदय भानु चिब को बेल देने की रिक्वेस्ट करते हुए एक एप्लीकेशन दी है।’
उन्होंने कहा, ‘ड्यूटी मजिस्ट्रेट ने उदय भानु चिब को बेल देने में खुशी जताई और जो बेल ऑर्डर हमने अभी पढ़ा है, उसमें बताया है कि पुलिस क्राइम ब्रांच उदय भानु चिब की रिमांड बढ़ाने की वजह नहीं बता पाई है। कुछ शर्तें लगाई गई हैं कि चिब को अपना पासपोर्ट और इलेक्ट्रॉनिक गैजेट कोर्ट के सामने सरेंडर करने होंगे, और उन्हें कोर्ट के सामने 50,000 रुपये का एक श्योरिटी पेश करना होगा।
क्या था पूरा मामला
दिल्ली पुलिस ने ‘एआई इम्पैक्ट समिट’ में भारतीय युवा कांग्रेस के सदस्यों के एक गुट की ओर से कमीज उतारकर किए गए विरोध प्रदर्शन के संबंध में संगठन के अध्यक्ष उदय भानु चिब को ‘मुख्य साजिशकर्ता’ करार देते हुए गिरफ्तार किया था। चिब की गिरफ्तारी मेमो में उन्हें भारत मंडपम में गैरकानूनी तरीके से एकत्र होने का मुख्य साजिशकर्ता और मास्टरमाइंड बताया गया है, जहां प्रदर्शनकारियों ने ‘राष्ट्रविरोधी नारे’ लगाए और ‘दंगे जैसी स्थिति’ पैदा करने की कोशिश की।
कौन हैं उदय भानु चिब
उदय भानु चिब जम्मू के पलौड़ा के रहने वाले हैं। कांग्रेस नेता हरि सिंह चिब के बेटे हैं। उन्होंने अपनी राजनीतिक पारी कांग्रेस के छात्र संगठन एनएसयूआई से की थी। इसके बाद वे एनएसयूआई के जम्मू-कश्मीर के अध्यक्ष भी रहे। चिब को एनएसयूआई का राष्ट्रीय महासचिव भी बनाया गया है। इसके बाद वह प्रदेश युवा कांग्रेस के अध्यक्ष रहे। पार्टी के प्रति उनके समर्पण को देखते हुए कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व ने अब उन्हें यूथ कांग्रेस के नया अध्यक्ष बनाया है।