
महाराष्ट्र विधानसभा का बजट सत्र सोमवार, 23 फरवरी से शुरू हो गया। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बजट सत्र की शुरुआत से पहले दिवंगत उपमुख्यमंत्री अजित पवार को लेकर शोक प्रस्ताव रखा। अजित पवार को यादकर विधानसभा में मौजूद सभी दलों के नेता भावुक हो गए। वहीं, उनके बारे में बात करते हुए डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने बड़ी बात कही। एकनाथ शिंदे ने कहा कि ‘दादा के जाने से लाखों लोग अनाथ हो गए हैं’।
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे अजित पवार को यादकर भावुक हो गए। उन्होंने कहा, “2024 में, जब सरकार बनाने के लिए प्रेस कॉन्फ्रेंस चल रही थी, तो हमने कहा था कि यह शाम तक खत्म हो सकती है, लेकिन मीडिया इंतजार करने को तैयार नहीं था। अचानक, अजीत दादा ने कहा, ‘मुझे एकनाथराव का तो पता नहीं, लेकिन मैं उपमुख्यमंत्री के तौर पर शपथ लेने जा रहा हूं,’ और सब लोग जोर से हंस पड़े। जब मुख्यमंत्री ने चार्ज संभाला तो हमें लड़की बहिन योजना शुरू करनी थी। हमने इस पर डिटेल में चर्चा की और राज्य के फाइनेंशियल बैलेंस को बिगाड़े बिना स्कीम को ठीक से लागू किया।
दादा हमारे लिए एक मजबूत पिलर थे-एकनाथ शिंदे
एकनाथ शिंदे ने आगे कहा, “दादा हमारे लिए सपोर्ट का एक मजबूत पिलर थे, लेकिन अब हमने वह सपोर्ट खो दिया है। वे हमेशा असेंबली सेशन में एक्टिवली हिस्सा लेते थे। बहुत से लोग उनसे डरते थे। आज उनकी कमी बहुत महसूस होती है। जब हम प्रोजेक्ट इंस्पेक्शन के लिए जाते थे, तो जरूरत पड़ने पर वह अधिकारियों को खुलेआम डांटते थे। अगर काम करना होता था, तो उसे तुरंत करना होता था; अगर यह मुमकिन नहीं होता था, तो वह साफ-साफ कहते थे। और अगर कुछ गलत होता था, तो वह लोगों को डांटने में भी नहीं हिचकिचाते थे।”
हो सके तो वापस आ जाओ दादा-डिप्टी CM
अजीत के जाने से ऐसी स्थिति पैदा हो गई है कि लाखों लाखों लोग अनाथ हो गए हैं। दादा, जनता की अदालत ने साबित कर दिया है कि राजनीति में आपके लिए गए कई फैसले सही थे, लेकिन दुनिया को अलविदा कहने का आपका फैसला गलत था। इसे वापस ले लो और वापस आ जाओ, ऐसे इमोशनल शब्दों के साथ डिप्टी चीफ मिनिस्टर एकनाथ शिंदे ने विधानसभा में दिवंगत नेता अजीत पवार को श्रद्धांजलि दी।