
Rajnath Singh on Youth Congress Protest: भारत मंडपम में आयोजित इंडिया AI इंपैक्ट समिट के दौरान यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं के विरोध प्रदर्शन पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि पार्टी ने देश की सम्मान बढ़ाने के बजाय इवेंट में रुकावट डालने का रास्ता चुना।
दरअसल भारत मंडपम में चल रहे AI इंपैक्ट समिट के एग्जीबिशन हॉल में यूथ कांग्रेस के करीब 10 कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों ने शर्टलेस होकर हंगामा किया, जिससे कार्यक्रम में थोड़ी देर के लिए व्यवधान उत्पन्न हुआ। हालांकि पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की और सभी को हिरासत में ले लिया। फिलहाल कांग्रेस की ओर से अभी तक इस बयान पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
राजनाथ सिंह ने बताया शर्मनाक और अनुचित व्यवहार
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एक्स पर पोस्ट कर कांग्रेस की आलोचना की। उन्होंने कहा- ‘जब पूरा विश्व भारत को नई दिल्ली में मौजूद भारत मंडपम में आयोजित AI इंपैक्ट समिट की मेजबानी करते हुए देख रहा था और तकनीक व नवाचार के क्षेत्र में हमारे बढ़ते वैश्विक नेतृत्व का साक्षी बन रहा था, उस समय कांग्रेस ने देश का सम्मान बढ़ाने के बजाय आयोजन में व्यवधान उत्पन्न करने का रास्ता चुना। यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं द्वारा जिस शर्मनाक तरीके से कार्यक्रम स्थल पर अनुचित व्यवहार करते हुए हंगामा किया गया है वह न केवल दुर्भाग्यपूर्ण है, बल्कि भारत की प्रतिष्ठा को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर धूमिल करने का प्रयास भी है। मैं कांग्रेस के इस कृत्य की भर्त्सना करता हूं।
जब भी भारत वैश्विक मंच पर आगे बढ़ता है, कांग्रेस राष्ट्रहित के साथ खड़े होने के बजाय राजनीतिक लाभ लेने को प्राथमिकता देती दिखाई देती है। दलगत राजनीति को देश की प्रतिष्ठा और सम्मान से ऊपर रखना अत्यंत दुखद है। भारत की जनता भली-भांति समझती है कि कौन भारत को सशक्त और समर्थ बनाने में जुटा है और कौन बार-बार भारत की छवि को धूमिल करने का प्रयास करता है।’
AI समिट में आवाज उठाने की जरूरत क्यों पड़ी?- उदय भानु
उदय भानु चिब ने पोस्ट कर लिखा- ‘सवाल पूछा जा रहा है कि आखिर क्यों युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं को AI Summit के अंदर Compromised PM के खिलाफ आवाज उठाने की जरूरत पड़ी? जिस देश का मीडिया, सिस्टम और खुद प्रधानमंत्री ही compromised हो चुके हों, उसके खिलाफ आवाज उठाने का मंच आखिर बचता ही कौन-सा है?’
उदय भानु चिब ने लिखा- ‘सड़कों पर प्रदर्शन करें तो रोक दिया जाता है। IT Rules की आड़ में सरकार के खिलाफ सोशल मीडिया पोस्ट हटवाई जाती हैं। मीडिया सरकार का भोंपू बन चुका है। तो फिर हमारे पास क्या जरिया बचता है? हम AI Summit के खिलाफ नहीं हैं। हम भारत के हितों के साथ हो रहे समझौते के खिलाफ हैं। जब देश के किसानों का सौदा किया जा रहा हो, भारत विरोधी व्यापार समझौते साइन हो रहे हों, युवाओं को बेरोजगार रखकर नफरत की राजनीति में झोंका जा रहा हो, तो क्या हम खामोश रहें? नहीं। शायद यह संभव नहीं। यह देश 140 करोड़ नागरिकों का है। अगर प्रधानमंत्री compromised हों, तो इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं कि जनता खामोश हो जाए।’ उदय भानु चिब ने आगे लिखा कि, ‘हम महात्मा गांधी के दिखाए रास्ता पर अगर चलना जानते हैं, तो सरदार भगत सिंह के दिखाए रास्ते पर भी चलना जानते है। देश के युवाओं, किसानों के हितों का सौदा कतई नही होने देंगे। इंकलाब जिंदाबाद।’
बीजेपी ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि पार्टी वैश्विक मंचों पर भारत की छवि खराब करने की कोशिश कर रही है। वहीं, विपक्षी दल अक्सर ऐसे प्रदर्शनों को लोकतांत्रिक अधिकार बताते हैं। इस घटना ने राजनीतिक बहस छेड़ दी है।