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अररिया शहर के प्राचीन सार्वजनिक ठाकुरवाड़ी मंदिर परिसर में महाशिवरात्रि के चार दिन बाद बुधवार रात को चौठाड़ी उत्सव बड़े उत्साह और भक्ति के साथ मनाया गया। यह उत्सव शाम करीब 8 बजे शुरू हुआ, जिसमें भगवान शिव और माता पार्वती की विशेष पूजा-अर्चना की गई। इस धार्मिक आयोजन में हजारों की संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे। भक्तों ने ‘हर-हर महादेव’ के जयकारे लगाए, जिससे पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय लहरों से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने शिव-पार्वती की आराधना में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। भक्तों के लिए भंडारे का आयोजन चौठाड़ी उत्सव समाप्त होने के बाद भक्तों के लिए एक भव्य भंडारे का आयोजन किया गया। इसमें प्रसाद के रूप में विभिन्न व्यंजन वितरित किए गए। यह भंडारा देर रात 12 बजे तक चला, जिसमें शहर और आसपास के इलाकों से हजारों लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। मंदिर प्रशासन ने भक्तों की सुविधा के लिए व्यापक इंतजाम किए थे। पार्किंग, सुरक्षा, पानी और बैठने की व्यवस्था सहित सभी आवश्यक प्रबंध सुनिश्चित किए गए, ताकि किसी को कोई असुविधा न हो।
चौठाड़ी का उत्सव सफलतापूर्वक संपन्न इस अवसर पर मंदिर के महंत पंडित कृष्णकांत तिवारी ने बताया कि हर वर्ष की तरह इस बार भी शिवजी की चौठाड़ी का उत्सव स्थानीय लोगों के सहयोग से सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। उन्होंने विशेष रूप से युवा वर्ग की सक्रिय भागीदारी का उल्लेख किया, जिसने आयोजन को नई ऊर्जा और भव्यता प्रदान की। ठाकुरवाड़ी मंदिर अररिया का एक प्रमुख धार्मिक केंद्र है, जहां महाशिवरात्रि पर शिव बारात निकाली जाती है और चौठाड़ी जैसे परंपरागत उत्सव स्थानीय परंपरा का अभिन्न हिस्सा हैं। इस वर्ष युवाओं की भागीदारी ने इस उत्सव को धार्मिक के साथ-साथ सामाजिक एकता का भी प्रतीक बना दिया।
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