
Dwarka Hit And Run Case: दिल्ली के द्वारका का हिट एंड रन केस सुर्खियों में बना हुआ है। यहां एक रईसजादे की रफ्तार ने 23 साल के साहिल धनेश्रा को मौत की नींद सुला दिया। इस दर्दनाक हादसे ने न सिर्फ एक लड़के से उसकी जिंदगी छीनी, बल्कि उसकी मां की पूरी दुनिया भी उजाड़ दी। जीते जी अपने बेटे को खो देने के बाद वो पूरी तरह से टूट चुकी हैं। मृतक बेटे की मां का दुख देखने के बाद आरोपी के पिता नरेंद्र सिंह भी दुखी हैं। इस हादसे पर उनका बयान सामने आया है। उन्होंने अपने बेटे की मानी है।
साहिल धनेश्रा की मौत जिस स्कॉर्पियो से हुई, उसी आरोपी के पिता ने समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए कहा, ‘मेरे बेटे की गलती है और मैं इसके लिए माफी मांगता हूं। जो भी लीगल प्रोसेस होगा, मैं उसे फॉलो करूंगा। मुझे जो भी जानकारी मिली, वह मुझे पुलिस से मिली। मेरा बेटा और बेटी कार में थे।’
दिल तोड़ने वाली घटना- आरोपी का पिता
उन्होंने आगे कहा, ‘यह दिल तोड़ने वाली घटना है। वह बहुत परेशान है। पूरे परिवार में गहरा दुख है, उस परिवार के लिए भी और हमारे लिए भी। हमने पुलिस के साथ सहयोग किया है। मैंने पुलिस द्वारा मांगे सभी डॉक्यूमेंट्स जमा करा दिए हैं। मेरी बेटी के रील बनाने की मुझे कोई जानकारी नहीं थी और वह रील नहीं, बल्कि एक छोटा वीडियो था।’
फोन पर मिली हादसे की जानकारी- आरोपी का पिता
आरोपी के पिता से रिपब्लिक की टीम ने बात की है। रिपब्लिक से बात करते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं थी कि उनका बेटा गाड़ी लेकर निकला है। उन्होंने कहा, ‘मैं 31 जनवरी को दिल्ली से उत्तर प्रदेश के लिए रवाना हो गया था। मुझे इस हादसे की जानकारी अपनी पत्नी से फोन पर मिली। हम दोनों ही घबराए हुए थे, इसलिए बात ठीक से हो नहीं पा रही थी।’
‘पुलिस ने दोनों बच्चों को कस्टडी में ले लिया’
उन्होंने आगे कहा, ‘मेरी पत्नी घटनास्थल पर पहुंचकर रोने लगी। उन्होंने कहा कि बहुत गंभीर हादसा हुआ है। मैंने उनसे नजदीकी अस्पताल में ले जाने को कहा, क्योंकि दूर बैठे मुझे यही लग रहा था कि चोट लगी होगी और इलाज से बच जाएगा। इतनी देर में, पब्लिक के शोर-शराबे की आवाज आने लगी। पुलिस ने हमारे दोनों बच्चों (बेटा-बेटा) को कस्टडी में ले लिया। इसके बाद आनन-फानन में मैंने दिल्ली की फ्लाइट ली। थाने पहुंचने के बाद मुझे मामले की पूरी जानकारी मिली।’
गाड़ी पर चालान ड्राइवरों की वजह से- नरेंद्र सिंह
इसके साथ ही जब हमारी टीम ने नरेंद्र सिंह से पूछा कि जब लड़का नाबालिग था और ड्राइविंग लाइसेंस भी नहीं था तो गाड़ी कैसे चला रहा था? इस पर उन्होंने कहा कि मेरा पूरा परिवार इस घटना के बाद से डिप्रेशन में है। उन्होंने कहा कि मैं पिछले 17 साल से बिजनेस कर रहा हूं आजतक किसी तरह का गलत काम नहीं किया है। मेरा कमर्शियल गाड़ी का बिजनेस है। गाड़ी हमारे बिजनेस में इस्तेमाल होती है और गाड़ी पर चालान हमारे ड्राइवरों की वजह से है जो इसे चलाते हैं। यह मेरे बेटे की वजह से नहीं है।
साहिल धनेश्रा की मां ने क्या कहा?
वहीं साहिल धनेश्रा की मां इन्ना माकन ने कहा, ‘मेरा बेटा 3 फरवरी को ऑफिस जा रहा था। यह लड़का (स्कॉर्पियो ड्राइवर) बहुत स्पीड में था। इसकी बहन साथ में बैठी थी और रील बना रही थी। ये गाड़ी उल्टी लेन में चला रहा था और बस के ठीक सामने आकर स्टंट करने लगा। मेरे बेटे ने दाईं ओर देखा कि जगह है या नहीं। क्योंकि बस के बाईं ओर एक ई-रिक्शा था। स्कॉर्पियो से इन्होंने बस के सामने स्टंट मारा और मोटरसाइकिल को उड़ा दिया। दुर्घटना में एक कैब ड्राइवर भी गंभीर रूप से घायल हो गया है। यह एक आपराधिक गतिविधि दिखाता है।’
मुझे बेटे के लिए इंसाफ चाहिए- साहिल की मां
उन्होंने आगे कहा, ‘कुछ बच्चे सोचते हैं कि वे सड़क पर कुछ भी कर सकते हैं क्योंकि उनके माता-पिता के पास पैसे हैं, यह एक आपराधिक सोच है। यह सिर्फ एक एक्सीडेंट नहीं है। मेरे बेटे की मौत उनकी फन रील की वजह से हुई। उसके (स्कॉर्पियो) खिलाफ पहले से ही कई ओवर-स्पीडिंग चालान हैं, फिर भी उसके पिता ने उसे नहीं रोका। मुझे अपने बेटे के लिए इंसाफ चाहिए। उसके (स्कॉर्पियो ड्राइवर) पास लाइसेंस भी नहीं है।’