
गलगोटिया यूनिवर्सिटी ने 'इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट' (India AI Impact Summit) के दौरान चीन में निर्मित ‘रोबोटिक डॉग’ के प्रदर्शन को लेकर ‘असमंजस’ की स्थिति पैदा होने के लिए बुधवार को माफी मांगी। ने कहा कि उसके पवेलियन में मौजूद उसके एक प्रतिनिधि को इस रोबोटिक उत्पाद के बारे में ‘सही जानकारी’ नहीं थी और उसने चीन में बने रोबोटिक डॉग को विश्वविद्यालय का नवोन्मेष बताया, जो सही नहीं था।
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इस बीच गलगोटिया यूनिवर्सिटी से जुड़े 'रोबो-डॉग' विवाद के बीच केंद्र सरकार ने बुधवार को सख्त चेतावनी जारी की है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि प्रदर्शनी में शामिल होने वाले संस्थान ऐसी किसी भी वस्तु का प्रदर्शन न करें जो उनकी अपनी नहीं है।
#WATCH दिल्ली | यह पूछे जाने पर कि क्या गलगोटिया यूनिवर्सिटी ने देश की इमेज खराब की है, यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर नेहा ने कहा, “गलगोटिया यूनिवर्सिटी की वजह से देश को बहुत नाम मिला है…” pic.twitter.com/UBwuVbSW27
— ANI_HindiNews (@AHindinews) February 18, 2026
आईटी सचिव एस. कृष्णन ने कहा कि प्रदर्शनी लगाने वालों को ऐसी चीजें प्रदर्शित नहीं करनी चाहिए जो उनकी अपनी (मौलिक) नहीं हैं। मीडिया खबरों के मुताबिक गलगोटिया यूनिवर्सिटी का पैवेलियन बंद कर दिया गया है और बिजली भी काट दी गई है।
#WATCH दिल्ली | चीन में बने रोबोडॉग के डिस्प्ले पर हुए विवाद के बाद, गलगोटिया यूनिवर्सिटी के स्टाफ और अधिकारियों ने इंडिया AI इम्पैक्ट समिट एक्सपो में अपना स्टॉल खाली कर दिया।
सूत्रों के मुताबिक, सरकार ने गलगोटिया यूनिवर्सिटी से एक्सपो में स्टॉल खाली करने को कहा गया था। pic.twitter.com/FbAixF6sCh
— ANI_HindiNews (@AHindinews) February 18, 2026
यह था पूरा मामला
यह विवाद तब शुरू हुआ जब गलगोटिया यूनिवर्सिटी पर आरोप लगा कि उन्होंने 'एआई इम्पैक्ट समिट 2026' में चीन की 'यूनिट्री' (Unitree) कंपनी द्वारा निर्मित एक रोबो-डॉग को अपना खुद का आविष्कार बताकर पेश किया। सोशल मीडिया पर समिट के वीडियो वायरल होने के बाद कई यूजर्स और विशेषज्ञों ने इस विसंगति को पकड़ लिया। Edited by : Sudhir Sharma