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खगड़िया के परबत्ता प्रखंड स्थित नयागांव पंचखुट्टी गांव में महाशिवरात्रि के अवसर पर वितरित प्रसाद के सेवन से फूड प्वाइजनिंग का गंभीर मामला सामने आया है। दूध-भांग का प्रसाद खाने के बाद 100 से अधिक बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग बीमार पड़ गए। उन्हें उल्टी, दस्त, पेट दर्द और कमजोरी की शिकायत हुई। यह घटना सोमवार को महाशिवरात्रि की पूजा-अर्चना के बाद काली मंदिर परिसर में प्रसाद वितरण के बाद हुई। ग्रामीणों के अनुसार, देर रात कई बच्चों की तबीयत बिगड़ने लगी, जिसके बाद मंगलवार सुबह तक बड़ी संख्या में अन्य ग्रामीण भी बीमार पड़ गए। बुधवार तक बीमार लोगों की संख्या 100 से अधिक हो गई। परबत्ता सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को जानकारी दी एक साथ इतने लोगों के बीमार होने की सूचना मिलते ही दरियापुर भेलवा पंचायत के मुखिया राम विनय कुमार ने तत्काल परबत्ता सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को जानकारी दी। सूचना पाकर चिकित्सा प्रभारी डॉ. कशिश के नेतृत्व में एक मेडिकल टीम नयागांव पंचखुट्टी पहुंची। स्वास्थ्य विभाग ने तुरंत एक स्वास्थ्य शिविर स्थापित किया स्वास्थ्य विभाग ने काली मंदिर, नयागांव पंचखुट्टी के प्रांगण में तुरंत एक स्वास्थ्य शिविर स्थापित किया। शिविर में डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ ने पीड़ितों को प्राथमिक उपचार, ओआरएस और आवश्यक दवाइयां उपलब्ध कराईं। गंभीर हालत वाले कुछ बच्चों को बेहतर इलाज के लिए परबत्ता सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। चिकित्सकों ने सभी मरीजों में उल्टी और दस्त के लक्षण पाए, जिसे प्रारंभिक जांच में दूध-भांग के प्रसाद से हुई फूड प्वाइजनिंग माना गया है। बीमार बच्चों में 11 वर्षीय अंकू कुमार (पिता जयकांत सिंह) और 14 वर्षीय मोहित कुमार (पिता संजीत ठाकुर), अंकित कुमार, कृष्णा कुमार, फूलन देवी, रूबी देवी मनोज ठाकुर, जयकांत सिंह, आदर्श कुमार, ब्यूटी कुमारी, अंकू कुमार जहरी देवी, अनुसा कुमारी, दिनेश मंडल सहित अन्य शामिल हैं। ”सभी मरीजों का मौके पर या अस्पताल में इलाज किया गया” चिकित्सा प्रभारी डॉ. कशिश ने बताया कि मुखिया से सूचना मिलने के बाद गांव में तत्काल स्वास्थ्य कैंप लगाया गया। उन्होंने पुष्टि की कि 100 से अधिक लोग बीमार हुए थे। सभी मरीजों का मौके पर या अस्पताल में इलाज किया गया है और उनकी स्थिति अब सामान्य तथा खतरे से बाहर है। स्वास्थ्य विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि धार्मिक आयोजनों के दौरान प्रसाद या सामूहिक भोजन तैयार करते समय साफ-सफाई और खाद्य सामग्री की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दें। खासकर दूध और भांग जैसे पदार्थों के उपयोग में अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके। फिलहाल गांव में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में बताई जा रही है, हालांकि स्वास्थ्य विभाग की टीम एहतियातन निगरानी बनाए हुए है।
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