
Pulama Anniversary: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में आज ही के दिन हुए आतंकी हमले में शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने जवानों के बलिदान को याद कर कहा कि हर भारतीय को उनकी हिम्मत से ताकत मिलती है।
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा, ‘2019 में आज के दिन पुलवामा में अपनी जान देने वाले बहादुर हीरो को याद करते हुए। देश के लिए उनकी भक्ति, इरादा और सेवा हमेशा हमारी सोच में बसी रहेगी। हर भारतीय को उनकी हिम्मत से ताकत मिलती है।’
राजनाथ सिंह ने शहीद जवानों को किया याद
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, ’14 फरवरी 2019 को पुलवामा में हुए कायरतापूर्ण आतंकी हमले में अपनी जान गंवाने वाले बहादुर CRPF जवानों को याद करते हुए और दिल से श्रद्धांजलि देते हुए, पूरा देश उनकी याद में और उनके परिवारों के साथ एकजुटता में खड़ा है। उनका बलिदान हमारे देश के लिए आतंकवाद से पैदा हुए गंभीर खतरों की याद दिलाता है। भारत हर तरह के आतंकवाद से लड़ने और उसे खत्म करने के अपने इरादे पर अडिग है। हमारी सरकार भारत को सुरक्षित बनाने के हमारे सामूहिक इरादे को और मजबूत करने के लिए कमिटेड है।’
राहुल गांधी ने वीर जवानों को दी श्रद्धांजलि
लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने भी पुलवामा आतंकवादी हमले में शहीद जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा, ‘पुलवामा में 2019 के दुस्साहसी आतंकी हमले में शहीद हुए हमारे वीर जवानों को मेरी भावपूर्ण श्रद्धांजलि। भारत माता की रक्षा में उनके सर्वोच्च बलिदान के लिए देश सदैव उनका ऋणी रहेगा।’
शहीद जवानों को उपराष्ट्रपति की श्रद्धांजलि
उपराष्ट्रपति सी पी राधाकृष्णन ने भी हमले में जान गंवाने वाले जवानों को श्रद्धांजलि दी। उपराष्ट्रपति ने कहा कि सीआरपीएफ कर्मियों का सर्वोच्च बलिदान राष्ट्र की स्मृति में सदा अंकित रहेगा।
उन्होंने कहा, ‘पुलवामा आतंकी हमले में प्राणों की आहुति देने वाले वीर जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। उनका सर्वोच्च बलिदान राष्ट्र के स्मृति में सदा अंकित रहेगा और हमें एक मजबूत एवं सुरक्षित भारत के निर्माण के लिए प्रेरित करता रहेगा।’
पुलवामा हमले में 40 जवान हुए थे शहीद
बता दें कि 14 फरवरी 2019 को जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले में एक आत्मघाती हमला हुआ था। इस दौरान 78 बसों में सवार 2,500 सीआरपीएफ जवानों में से 40 शहीद हो गए थे। इस हमले की जिम्मेदारी आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने ली थी। इस दिन को तभी से भारत में ‘ब्लैक डे’ के रूप में याद किया जाता है।