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ब्राह्मण परिवारों के घर से पुरुष सदस्य गायब दरभंगा के गांव में पसरा सन्नाटा नहीं मिल रहा जरूरी सामान ब्राह्मणों पर एक्ट में…




‘मेरे गांव में आज तक ऐसा कभी नहीं हुआ था। हम लोग हमेशा भाईचारे के साथ रहते आए हैं, लेकिन अचानक माहौल बिगड़ गया। पूरा गांव डर और तनाव में जीने को मजबूर हो गया है। गांव में दुकानें बंद पड़ी हैं और रोजमर्रा का सामान नहीं मिल रहा है। मैं आलू खरीदने बाजार गई थी, लेकिन खाली हाथ लौटना पड़ा। दवा की दुकान भी बंद है, इसलिए दूसरे गांव से जरूरी सामान मंगवाने पड़ रहे हैं।’ यह कहना है कुशेश्वरस्थान थाना क्षेत्र के हरिनगर गांव की रहने वाली जानकी देवी का। इस गांव के नामजद 70 ब्राह्मणों और 150 अज्ञात के खिलाफ एससी/एसटी एक्ट में FIR दर्ज की गई है। मामला पैसे के लेन-देन में विवाद का है। दैनिक भास्कर की टीम हरिनगर गांव के दोनों पक्ष से बातचीत कर पूरे मामले को समझने की कोशिश की। विवाद की शुरुआत कहां से हुई, आखिर क्यों गांव के सभी ब्राह्मणों के नाम FIR में दर्ज किए गए। पढ़िए पूरी रिपोर्ट। सबसे पहले जानिए क्या है मामला 30 जनवरी को गांव में एक दामाद पहुंचे थे तो असर्फी पासवान ने उनसे अपने बेटे का बकाया मजदूरी का पैसा मांगा। इसके बाद दोनों के बीच कहासूनी हुई। फिर 31 जनवरी को दोनों के बीच दुबारा मारपीट हुई। इस घटना के बाद असर्फी पासवान ने पुलिस से शिकायत की। पुलिस को दिए आवेदन में असर्फी पासवान ने बताया, ‘2015 में मेरा बेटा विक्रम पासवान गांव के हेमकांत झा का मकान बन रहा था। बेटे की देखरेख में घर बन रहा था। हेमकांत झा ने बेटे की ढाई लाख की मजदूरी नहीं दी। मैंने कई बार उनसे पैसे मांगे, लेकिन उन्होंने देने से मना कर दिया। इसी विवाद को लेकर हेमकांत झा, श्रीनाथ झा, पंकज झा, ओमप्रकाश झा, बाबू साहब झा, जगन्नाथ झा, अमित कुमार झा समेत कई लोग एकजुट होकर घर में घुस आए। लाठी-डंडे और लोहे की रॉड से परिवार के सदस्यों पर हमला कर दिया। इसमें कई लोगों को चोट भी आई। बीच-बचाव करने पहुंचे उसके भाई राजगीर पासवान समेत अविनाश पासवान, अजय पासवान और जिगर पासवान के साथ भी मारपीट की गई। मेरी पत्नी रामतारा देवी और पोती कोमल कुमारी के साथ भी मारपीट की गई। पोती की कमर की हड्डी तोड़ दी गई, जबकि परिवार की महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार किया गया। हमलावरों ने घर में घुसकर सोने-चांदी के जेवर, नगद 2 लाख रुपए, मोबाइल, एलसीडी टीवी और फ्रिज लूट लिया। इसके अलावा घर के बाहर खड़ी 4 बाइक को भी क्षतिग्रस्त कर दिया गया।’ 70 ब्राह्मणों के खिलाफ SC-ST एक्ट में FIR पुलिस के मुताबिक, ‘हरिनगर गांव निवासी असर्फी पासवान ने कुशेश्वरस्थान थाने में आवेदन दिया है। आवेदन में पूरे गांव को अभियुक्त बनाया गया । इसमें 70 ब्राह्मण नामजद आरोपी हैं। इसके अलावा 100–150 अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया गया है। इसमें 12 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। इसके साथ ही पुलिस आगे की कार्रवाई में जुटी है। DSP बोले- पुराने विवाद को जातीय रंग दिया गया पूरे मामले में बिरौली DSP प्रभाकर तिवारी ने बताया कि 31 जनवरी 2026 की रात लेनदेन के विवाद को लेकर मारपीट हुई थी। इसमें 10 से अधिक लोग घायल हो गए थे। इसी मामले में 12 लोगों को गिरफ्तार किया गया। इस मामले को कुछ लोग जातीय रंग देने की कोशिश कर रहे हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है। घटना के बाद गांव में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। स्थिति तनावपूर्ण, लेकिन नियंत्रण में है। अब पढ़िए ब्राह्मण परिवार की महिला ने क्या कहा… गांव की जानकी देवी ने बताया, ‘जिन लोगों को लेकर विवाद हुआ, वे दूसरे गांव के रहने वाले थे और इस गांव के दामाद थे। इस विवाद में हमलोगों का कोई लेना-नहीं था। समाज के लोग आपस में बैठकर फैसला कर लेते, तो शायद आज यह नौबत नहीं आती। इसका खामियाजा पूरे गांव को भुगतना पड़ रहा है। स्थिति यह है कि 70 ब्राह्मणों का नाम केस में दर्ज है। इसमें मेरा बेटा समेत 12 लोगों को पुलिस गिरफ्तार कर जेल भेज दी है।’ 4 दिनों से नहीं चला चूल्हा जानकी देवी ने आगे बताया, ‘पिछले चार दिनों से मेरे घर में चूल्हा नहीं जल रहा है। भूख लगने पर कुछ बनाते भी है तो खाना का मन नहीं करता है। मेरे बेटे के ससुराल में शगुन का कार्यक्रम था, लेकिन वो शामिल नहीं हो सका। मेरे मायके में भतीजे का मुंडन संस्कार है, वहां भी नहीं जा पा रही हूं। हर तरफ डर का माहौल है। मेरा बेटा जेल चला गया है और अब मेरे पास कोई रास्ता नहीं बचा है। मुझे समझ नहीं आ रहा कि मैं कहां जाऊं और किससे गुहार लगाऊं। गांव के हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि आज गांव का माहौल पूरी तरह बिगड़ चुका है। जो गांव कभी शांति और भाईचारे के लिए जाना जाता था, वहां अब सन्नाटा और तनाव पसरा हुआ है।’ ब्राह्मण परिवारों के साथ ही हुई मारपीट अनीशा झा ने बताया कि मारपीट में सिर्फ एक पक्ष के लोग ही घायल नहीं हुए है, बल्कि दोनों पक्ष के लोग घायल हुए हैं। ब्राह्मण समाज को भी गालियां दी गई। मेरे पिताजी बाइक से भोज खाने जा रहे थे, उन्हें चलती बाइक से खींचकर बेरहमी से पीटा गया। मारपीट के दौरान उनके कपड़े भी फाड़ दिए गए। SC-ST एक्ट का दुरुपयोग कर 70 ब्राह्मणों पर केस दर्ज किया गया, जबकि कई ऐसे लोगों के नाम केस में शामिल हैं, जो गांव में रहते ही नहीं हैं। वे लोग सालों से गांव से बाहर हैं, फिर भी उन्हें आरोपी बनाया गया है। हेमकांत झा के परिवार ने बताया, ‘मजदूरी को लेकर विवाद हुआ था। असर्फी ने कहा 2 लाख रुपया बकाया है। मैंने उससे हिसाब की डायरी निकालने को कहा तो वह गाली-गलौज करने लगा। फिर मारपीट पर उतर आया।



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