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जनशक्ति जनता दल के चीफ तेज प्रताप यादव ने सरकारी बंगला खाली किया था। सरकारी आवास अब मंत्री लखेंद्र पासवान को अलॉट किया गया है। लखेंद्र ने आरोप लगाए थे कि घर में कोई भी सामान नहीं है। सभी गायब है। आरोप पर तेजप्रताप ने सोमवार पर प्रतिक्रिया दी है। कहा है कि सरकारी आवास मुझे विधायक रहते मिला था, उसमें लगा एसी, पंखे और अन्य सामान मेरे निजी खर्च से खरीदे गए थे। ऐसे में सामान गायब होने का आरोप पूरी तरह बेबुनियाद है। हम छोटा काम नहीं करते हैं। तेज प्रताप यादव ने तीखे शब्दों में कहा कि लखेंद्र पासवान की बुद्धि फेल हो गई है। उन्होंने कहा कि मंत्री बिना जानकारी के आरोप लगा रहे हैं और मीडिया में बयान देकर अपना चेहरा चमकाने की कोशिश कर रहे हैं। नए नए मंत्री बने हैं सोच रहे कि स्वर्ग चाहिए। संयमित रहे। पावर का गलत इस्तेमाल नहीं करें। जिस सराकारी आवास पर विवाद है वो पटना के 26 एम स्ट्रैंड रोड में है। अपराधी तांडव मचा रहे ये चिंता नहीं, चिंता है तो बल्व ले गया तेजप्रताप ने कहा कि जो आवास मुझे मिला था वो पहले नर्क था, मैंने उसको स्वर्ग बना दिया। वहां सभी सामान मेरे पैसे का था। इतना सामान हम आवास से लेकर गए तो भवन निर्माण विभाग या JE ने नोटिस क्यों नहीं निकाला…। जब मैं रहता था तब ही घर की छत गिरती थी। अंग्रेज के जमाने का घर है। ये सब टीआरपी बटोरने के लिए है और कुछ नहीं। लखेंद्र जी को ये चिंता नहीं है कि बिहार में अपराधी कैसे तांडव मचा रहे हैं। नीट छात्रा के साथ गलत हुआ है। उन्हें चिंता है कि बल्व ले गया, पंखा ले गया। तेज प्रताप ने तंज कसते हुए कहा कि लखेंद्र पासवान के पास 10 लोग भी नहीं हैं और वह बेवजह विवाद खड़ा कर रहे हैं।
पाकिस्तान भारत से डर गया है तेज प्रताप यादव ने अंतरराष्ट्रीय मुद्दे पर भी बयान दिया। पाकिस्तान की ओर से भारत के साथ टी-20 वर्ल्ड कप मैच नहीं खेलने के फैसले पर उन्होंने कहा कि पाकिस्तान भारत से डर गया है, इसलिए खेलने से मना कर रहा है। तेज प्रताप ने यह भी कहा कि आज भारत से सिर्फ पाकिस्तान ही नहीं, बल्कि दुनिया के कई देश डरते हैं। इसके अलावा तेज प्रताप यादव ने केंद्रीय बजट 2026 पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार बजट सोच-समझकर लाई होगी, उसमें कुछ हित जरूर रखे गए होंगे, लेकिन अगर कोई कमी है तो उसे दूर किया जाना चाहिए। वहीं, नीट छात्रा प्रकरण को लेकर उन्होंने कहा कि सीबीआई जांच बहुत पहले हो जानी चाहिए थी। जांच में देरी से कई सवाल खड़े होते हैं और अब जब जांच होगी तो सच्चाई सामने आ जाएगी।
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