
NCP प्रमुख अजित पवार के निधन के बाद पूरे देश की नजरें महाराष्ट्र की राजनीति पर टिकी है। उनके यूं अचानक चले जाने से ना सिर्फ पार्टी में गहरी शून्यता पैदा हो गई है, बल्कि महायुति सरकार ने बड़ी समस्या खड़ी हो गई है। इस बीच उनके विभागों को लेकर सरकार मंथन कर रही है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में महाराष्ट्र कैबिनेट बड़ा फेरबदल देखने को मिल सकता है। इन सबके बीच सवाल ये भी उठ रहे हैं कि उपमुख्यमंत्री का पद और अजित पवार के विभाग किनको दिए जाएंगे?
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के विमान दुर्घटना में निधन के बाद राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव का दौर शुरू हो गया है। उनके असामयिक निधन से एक और NCP अचानक नेतृत्वविहीन हो गई है, जबकि महायुति सरकार में पार्टी की हिस्सेदारी और मंत्रिमंडल में उसके विभागों को बनाए रखने पर गहन चर्चा चल रही है।
महाराष्ट्र कैबिनेट में फेरबदल की संभावना
सूत्रों के अनुसार, अजित पवार के निधन के बाद महाराष्ट्र कैबिनेट में जल्द ही फेरबदल होने की संभावना है। एनसीपी के अधिकांश नेता इस बात पर एकमत हैं कि अजित पवार के पास रहे सभी महत्वपूर्ण विभाग उनकी ही पार्टी के पास रहने चाहिए। जानकारी के लिए बता दें कि अजित पवार वित्त, योजना, उत्पाद शुल्क (एक्साइज) जैसे प्रमुख विभागों के साथ-साथ खेल एवं युवा कल्याण तथा अल्पसंख्यक विकास (अतिरिक्त प्रभार) संभाल रहे थे। उनके चले जाने से इनमें से मुख्य तीन विभाग और दो अतिरिक्त प्रभार अब खाली पड़े हैं।
सूत्रों के मुताबिक, NCP की मांग पर बीजेपी और शिवसेना ने फिलहाल कोई आपत्ति नहीं जताई है। NCP जब ये तय कर लेगी कि मंत्री पद पार्टी में किसे देना है, उसके बाद महागठबंधन की ओर से कैबिनेट में बदलाव किया जाएगा। दूसरी और अजित पवार के निधन के बाद उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार को उपमुख्यमंत्री बनाने की मांग जोर पकड़ रही है। NCP के अजित पवार गुट के कई नेताओं ने इसकी खुलकर वकालत की है।
NCP के वरिष्ठ नेता और महाराष्ट्र सरकार में कैबिनेट मंत्री नरहरि झिरवाल ने स्पष्ट रूप से कहा है कि सुनेत्रा पवार को उपमुख्यमंत्री बनाया जाना चाहिए। उन्होंने इसे अजित पवार को सच्ची श्रद्धांजलि बताया है। झिरवाल के अनुसार, जनता और पार्टी कार्यकर्ताओं की यही इच्छा है कि ‘वहिनी’ (सुनेत्रा पवार) को मंत्रिमंडल में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी जाए। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर पार्टी नेतृत्व से चर्चा की जाएगी और फैसला लिया जाएगा।
अजित पवार के निधन से महाराष्ट्र की सियासत में एक युग का अंत माना जा रहा है। उनके जाने से एनसीपी और महायुति दोनों को मजबूत संतुलन बनाए रखने की चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। स्थिति पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं कि आगे क्या राजनीतिक समीकरण बनते हैं। NCP अपना अध्यक्ष किसे चुनता है और डिप्टी सीएम की जिम्मेदारी किसे मिलती है? आने वाले दिनों में इस पर फैसला होगा।