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कृषि सेवाओं को आधुनिक पारदर्शी और प्रभावी बनाना उद्देश्य फार्मर रजिस्ट्री के लाभ बताए कहा बिहार भूमि डेटाबेस को एकीकृत किया जा रहा…




गोपालगंज में जिलाधिकारी पवन कुमार सिंहा ने एग्री-स्टैक परियोजना और फार्मर रजिस्ट्री के संबंध में एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया। जिला समाहरणालय सभागार में आयोजित इस वार्ता के दौरान उन्होंने पत्रकारों को फार्मर रजिस्ट्री से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी दी, ताकि इसका लाभ आम किसानों तक पहुँच सके। किसान के लिए विशिष्ट ‘फार्मर आईडी’ की जा रही तैयार जिलाधिकारी ने बताया कि फार्मर रजिस्ट्री एग्री-स्टैक परियोजना का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसका मुख्य उद्देश्य राज्य में कृषि सेवाओं को अधिक आधुनिक, पारदर्शी, सरल और प्रभावी बनाना है। इस परियोजना के तहत प्रत्येक किसान के लिए एक विशिष्ट ‘फार्मर आईडी’ तैयार की जा रही है, जिसमें किसान की भूमि का विवरण और आधार संख्या को डिजिटल रूप से एकीकृत किया जा रहा है। किसानों की पहचान में किसी भी प्रकार की त्रुटि से बचा जा सके उन्होंने यह भी जानकारी दी कि बिहार भूमि डेटाबेस को एकीकृत किया जा रहा है। इसके तहत, प्रत्येक राजस्व ग्राम में समान नाम और समान पिता के नाम वाले किसानों की जमाबंदी का एक ऑनलाइन बकेट बनाया गया है। इसी आधार पर राज्य स्तर पर फार्मर रजिस्ट्री का निर्माण हो रहा है, जिससे किसानों की पहचान में किसी भी प्रकार की त्रुटि से बचा जा सके। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के लाभार्थियों को आगामी किस्त का लाभ प्राप्त करने के लिए फार्मर रजिस्ट्री कैंप में भाग लेकर अपना ‘फार्मर आईडी’ बनवाना अनिवार्य होगा। इसके लिए किसानों को फार्मर रजिस्ट्री वेब पोर्टल या मोबाइल ऐप के माध्यम से बायोमेट्रिक या फेस ऑथेंटिकेशन द्वारा ई-केवाईसी सत्यापन कराना होगा। साथ ही, भूमि से संबंधित दावा दर्ज करना भी अनिवार्य है। सरकारी कृषि योजनाओं का लाभ FR के आधार पर ही मिलेगा जिलाधिकारी ने फार्मर रजिस्ट्री के प्रमुख लाभों पर भी विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि भविष्य में विभिन्न सरकारी कृषि योजनाओं का लाभ फार्मर रजिस्ट्री के आधार पर ही मिलेगा। इससे न्यूनतम समर्थन मूल्य पर कृषि उत्पादों की बिक्री सरल होगी और फसल नुकसान की स्थिति में किसानों को वास्तविक क्षति के अनुरूप मुआवजा प्राप्त करने में सुविधा होगी। उन्होंने यह भी बताया कि भविष्य में उर्वरक, बीज एवं कीटनाशी का वितरण फार्मर रजिस्ट्री आईडी में दर्ज रकबा के आधार पर किया जाएगा। इसके साथ ही कृषि यांत्रिकरण योजनाओं के अंतर्गत 91 प्रकार के कृषि यंत्रों पर अनुदान का लाभ भी फार्मर रजिस्ट्री आईडी में दर्ज भूमि के आधार पर ही दिया जाएगा। फसल क्षति एवं फसल बीमा का लाभ भी इसी के आधार पर देय होगा। फार्मर रजिस्ट्री आईडी किसान की डिजिटल पहचान होगी
जिला पदाधिकारी ने कहा कि फार्मर रजिस्ट्री आईडी ही भविष्य में प्रत्येक किसान की डिजिटल पहचान होगी। पीएम-किसान सम्मान निधि योजना का निर्बाध लाभ प्राप्त करने तथा भविष्य में संचालित होने वाली सभी योजनाओं का लाभ लेने के लिए फार्मर रजिस्ट्री अत्यंत आवश्यक है।

उन्होंने सभी किसान भाइयों एवं बहनों से अपील की कि वे शीघ्र अपने किसान सलाहकार, किसान समन्वयक अथवा हल्का कर्मचारी से संपर्क कर फार्मर रजिस्ट्री बनवाएं। फार्मर रजिस्ट्री के लिए आवश्यक दस्तावेजों में आधार कार्ड, भूमि से संबंधित दस्तावेज एवं मोबाइल नंबर शामिल हैं।



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