
Ajit Pawar Death: महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार का उनकी मौत के बाद दो साल पुराना पोस्ट वायरल होने लगा। इसमें वो प्लेन की स्मूद लैंडिंग पर बात करते हुए महिला पायलट पर भरोसा जताते हुए नजर आए थे। नियति का खेल तो देखिए कि आज एक दर्दनाक प्लेन क्रैश हादसे में ही अजित पवार ने अपनी जान गंवा दी और उसकी पायलट भी एक महिला ही थीं।
अजित पवार का ये पोस्ट हुआ वायरल
अजित के निधन के बाद जो पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, वो 18 जनवरी 2024 का है। इसमें उन्होंने महिला पायलट की तारीफ करते हुए लिखा था, “जब हम हेलीकॉप्टर या प्लेन से यात्रा करते हैं, और अगर हमारा प्लेन सुरक्षित रूप से उतरता है, तो हम समझ जाते हैं कि पायलट एक महिला है।” पोस्ट इसलिए भी काफी सुर्खियों में है, क्योंकि जिस हादसे में अजित पवार की मौत हुई, उसकी पायलट भी एक महिला ही थीं।
हादसे के वक्त कौन उड़ा रहा था प्लेन?
अजित पवार जिस विमान (Learjet 45) में सवार होकर बारामती जा रहे थे, उसे कैप्टन सुमित कपूर और शाम्भवी पाठक दोनों मिलकर उड़ा रहे थे। सुमित कपूर इस उड़ान के मुख्य पायलट यानी ‘पायलट-इन-कमांड’ थे। उनके पास 16,500 घंटों से अधिक उड़ान का लंबा अनुभव था। वहीं, शाम्भवी पाठक इस विमान में ‘फर्स्ट ऑफिसर’ या को-पायलट के रूप में तैनात थीं। शाम्भवी ने न्यूजीलैंड से ट्रेनिंग पूरी की थी।
अजित पवार, कैप्टन सुमित कपूर और को-पायलट शाम्भवी के अलावा इस विमान में NCP नेता के निजी सुरक्षाकर्मी (PSO) विदीप जाधव और चालक दल की सदस्य पिंकी माली भी मौजूद थीं। हादसा इतना भयानक था कि इसमें विमान पूरी तरह जलकर राख हो गया। कोई भी बच नहीं सका। इतना ही नहीं शव बुरी तरह जल गए थे और उन्हें पहचानना भी मुश्किल हो रहा था। तब अजित पवार की घड़ी और अन्य के व्यक्तिगत सामानों से उनके शव की पहचान की गई।
कैप्टन शाम्भवी पाठक ने शुरुआती पढ़ाई भारत में की थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक उन्होंने मुंबई यूनिवर्सिटी से एयरोनॉटिक्स और एविएशन साइंस में बीएससी की डिग्री हासिल की। इसके बाद उन्होंने न्यूजीलैंड का रुख किया। साल 2018 से 2019 के बीच न्यूजीलैंड इंटरनेशनल कमर्शियल पायलट अकादमी से शाम्भवी ने ट्रेनिंग ली और न्यूजीलैंड सिविल एविएशन अथॉरिटी से कमर्शियल पायलट लाइसेंस हासिल किया। शाम्भवी की उम्र सिर्फ 25 साल थी। ट्रेनिंग पूरी करने के बाद शाम्भवी भारत लौट आई थीं।