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बरौनी एनटीपीसी में 77वां गणतंत्र दिवस समारोह उत्साह, गौरव एवं देश भक्ति के माहौल में मनाया गया। टाउनशिप में आयोजित कार्यक्रम में परियोजना प्रमुख जयदीप घोष ने राष्ट्रीय ध्वज फहराकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इसके बाद सीआईएसएफ की ओर से प्रस्तुत सलामी टुकड़ी का निरीक्षण किया गया। इस मौके पर बेहतर काम करने वाले कर्मियों को सम्मानित किया गया। समारोह को संबोधित करते हुए परियोजना प्रमुख जयदीप घोष ने कहा कि 26 जनवरी 1950 को भारत ने एक गणतंत्र के रूप में अपनी यात्रा आरंभ की। यह दिवस केवल एक पर्व नहीं, बल्कि देश की लोकतांत्रिक परंपरा, समानता और संप्रभुता का प्रतीक है। उन्होंने राष्ट्र निर्माण में ऊर्जा क्षेत्र और एनटीपीसी की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की। 60 गीगावॉट हरित ऊर्जा से प्राप्त होगा देश को निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से भारत सरकार की ओर से 7 नवंबर 1975 को एनटीपीसी लिमिटेड की स्थापना की गई थी। शून्य से शुरू हुई यह यात्रा आज गौरवपूर्ण मुकाम तक पहुंची है और वर्तमान में एनटीपीसी की कुल स्थापित विद्युत उत्पादन क्षमता 87 गीगावाट से अधिक हो चुकी है। एनटीपीसी ने 2032 तक 150 गीगावाट स्थापित क्षमता प्राप्त करने का लक्ष्य रखा है, जिसमें 60 गीगावाट हरित ऊर्जा से प्राप्त किया जाएगा। एनटीपीसी बरौनी ने 2025-26 में अब तक पूर्वी क्षेत्र-1 (ईआर-1) की सभी परियोजनों में सर्वाधिक पीएलएफ हासिल किया है। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण, जल उपयोग दक्षता, ऐश उपयोग, सुरक्षा एवं तकनीकी नवाचारों में बरौनी परियोजना के प्रयासों की सराहना की और सभी कर्मचारियों से उच्चतम सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए राष्ट्र निर्माण में अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान देने का आह्वान किया। सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया परियोजना प्रमुख ने कहा कि नवाचार के तौर पर एनटीपीसी बरौनी में 1000 मेगावाट-घंटे क्षमता वाले बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) की स्थापना की जा रही है। जो चार घंटे तक 250 मेगावाट बिजली प्रदान करने में सक्षम होगा। इस अवसर पर बाल भवन के बच्चों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया। वहीं, उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मचारियों को एचओपी मेरिटोरियस पुरस्कार प्रदान किए गए।
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