![]()
आरा में एक आर्मी मैन हैं जो रिटायमेंट के बाद भी देश की सेवा में जुटे हुए हैं। वे युवाओं को सेना-पुलिस के लिए तैयार कर रहे हैं। आर्मी की डिसिप्लिन-जज्बा के साथ ट्रेनिंग दी जा रही है। प्रशिक्षण के लिए युवाओं से आर्मी मैन 3 महीने सिर्फ 1 हजार रुपए लेते हैं। ये रुपए अभ्यर्थियों को खाने-पिलाने में खर्च किए जाते हैं। ट्रेनिंग के नाम पर कोई शुल्क नहीं लिया जाता है। यानी युवाओं को नि:शुल्क प्रशिक्षण मिलता है। आर्मी मैन 2023 में रिटायर्ड हुए थे। उन्होंने 2 साल में कुल 290 युवाओं को बिहार पुलिस-होमगार्ड और अग्निवीर में नौकरी दिलाई है। रिटायर्ड आर्मी मैन बक्सर के नवानगर थाना अंतर्गत सोनवर्षा गांव निवासी श्रीराम परवेज चौधरी के बेटे कमांडो सुनील कुमार चौधरी हैं। जो आरा शहर के अनाईठ मुहल्ले में अपने परिवार के साथ रहते हैं। रिटायरमेंट के बाद कई महीनों तक घर पर रहे। जब मैदानों में तैयारी करने वालों बच्चों की परेशानियों देखी तो उन्होंने प्रशिक्षण देने का मन बनाया। रिटायर आर्मी मैन की कैसी होती ट्रेनिंग, प्रशिक्षण लेने वालों युवाओं का क्या कहना है, गणतंत्र दिवस के मौके पर पढ़िए रिपोर्ट… पहले ट्रेनिंग से जुड़ी कुछ तस्वीरें देखिए… पूर्व कमांडो सुनील कई ऑपरेशन में रह चुके शामिल कमांडो सुनील कुमार चौधरी ने 16 फरवरी 1999 को दानापुर में बिहार रेजिमेंट ज्वाइन किया था। बचपन से ही देशभक्ति का जज्बा लेकर देश के अलग-अलग बॉर्डर पर सेवा दी। सुनील चौधरी कई महत्वपूर्ण ऑपरेशन का हिस्सा भी रहे हैं। साहस और तेज तर्रार व्यक्तित्व के कारण उन्हें जम्मू कश्मीर के उत्तरी कमान, उधमपुर में आर्मी कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल केटी प्रणायक के की ओर से प्रशंसा पत्र से सम्मानित भी किया था। इसके बाद सुनील चौधरी को 5 बिहार बटालियन में 2016 में बटालियन हवलदार मेजर बनाकर NCC के बच्चों को प्रशिक्षण देने के लिए भेजा गया। करीब तीन तक NCC में रहकर हजारों छात्र-छात्राओं को ट्रेनिंग दी और उन्हें सेना के लिए काबिल बनाया। सैकड़ों NCC के लड़के आज देश सेवा में लगे है। इसके बाद 28 फरवरी 2023 में दानापुर से रिटायरमेंट लेकर वापस घर आ गए। लड़ाकू विमान तेजस के नाम पर एकेडमी पूर्व कमांडो ने आरा के वीर कुंवर स्टेडियम में भारतीय लड़ाकू विमान के नाम तेजस फिजिकल एकेडमी खोला। सुनील बताते हैं कि तेजस का मतलब चमक, दीप्ति, तेज, प्रकाश, उर्जा, बुद्धि और शक्ति होता है। जो व्यक्ति के प्रभावशाली और उर्जावान व्यक्तित्व को दर्शाता है। यही शक्ति हम अपने नौजवानों में देखना चाहतें हैं। कठोर शारीरिक अभ्यास, दौड़, ड्रिल और अनुशासन पर विशेष जोर ट्रेनिंग के दौरान कठोर शारीरिक अभ्यास, दौड़, ड्रिल और अनुशासन पर विशेष जोर दिया जाता है। पूर्व कमांडो का मानना है कि मजबूत शरीर के साथ मजबूत सोच ही एक सच्चे सैनिक की पहचान होती है। उनका उद्देश्य केवल युवाओं को नौकरी दिलाना नहीं, बल्कि उन्हें राष्ट्र के लिए समर्पित योद्धा के रूप में तैयार करना है। यही वजह है कि यहां से प्रशिक्षण लेने वाले कई युवक और युवतियां आज सेना और पुलिस में चयनित होकर देश और प्रदेश की सेवा कर रहे हैं। प्रशिक्षण पूरी तरह नि:शुल्क है। आर्थिक तंगी किसी भी युवा के सपनों में बाधा न बने, इसी सोच के साथ हर वर्ग के लड़के-लड़कियां यहां आकर अपने अरमानों को नई उड़ान दे रहे हैं। पैसे के अभाव में कई युवा तैयारी नहीं कर पाते हैं सुनील कुमार ने कहा कि मैंने 24 साल देश की सेवा की, उसके बाद अब जनता की सेवा करने का मौका मिला है। पिछले 2 साल से बाबू वीर कुंवर सिंह की धरती पर एकेडमी चला रहा हूं। यहां के बच्चे बच्चियों के पास काफी जोश है, इसी जोश को उमंग में भरने के लिए तेजस फिजिकल एकेडमी खोला है। यहां के गरीब युवक और युवतियां फौज-पुलिस में जाना चाहते है, लेकिन पैसे के अभाव में अच्छे से तैयारियां नहीं कर पाते है। इसलिए निःशुल्क ट्रेनिंग दी जाती है। बच्चियों को फील्ड में लाना कठिन सुनील ने कहा कि बच्चों से 3 महीनों के लिए 1 हजार रुपए लिए जाते हैं। ताकि ट्रेनिंग के बाद उन्हें जूस, नारियल पानी या एनर्जी ड्रिंक्स पिलाया जा सके। अगर बच्चों को पैसा दे दिया जाता है तो वह इधर-उधर खर्च कर देते हैं। इन्हीं पैसों से खिला-पिलाकर सैनिक तैयार करते है। ताकि देश में अपना नाम रौशन कर सके। बच्चियों को फील्ड में लाना बहुत कठिन है, लेकिन बिहार सरकार लड़कियों को बढ़ावा देने के साथ सुरक्षा दे रही है। बच्चियों को ट्रेनिंग देना बहुत मुश्किल होता है। परिवार को विश्वास में लेना पड़ता है। कुछ बच्चियों के परिवार वाले काफी सपोर्ट करते है। इसी का नतीजा है कि इस साल 101 लड़कियों का सेलेक्शन बिहार पुलिस में हुआ। पिछले साल 75 लड़कियां बिहार पुलिस में बहाल हुईं थीं। होमगार्ड में 55 लड़कियां और 21 लड़के का चयन हुआ है। वहीं, अग्निवीर में 19 नौजवानों का सेलेक्शन हुआ है। SSC GD में 36 लड़के और 4 लड़कियां की बहाली हुई है। इसके साथ एयरफोर्स, दिल्ली पुलिस समेत अन्य क्षेत्रों में बच्चे-बच्चियों ने उपलब्धियां हासिल की है। पापा के कहने पर एकेडमी ज्वाइन की आरा शहर की मीरगंज निवासी राशी ने बताया कि CPO की परीक्षा फाइनल होने के बाद सब इंस्पेक्टर की तैयारी कर रही हूं। मेरे परिवार वाले मुझे काफी सपोर्ट करते हैं। पापा खुद बोलते हैं कि तुम जाओ और खूब तैयारी करो। इसके बाद मैंने तेजस फिजिकल एकेडमी को ज्वाइन किया। यहां अनुभवी सुनील सर अच्छे से तैयारियां कराते हैं। जब मैं दरोगा बन जाऊंगी तो सबसे ज्यादा गर्व मेरे परिवार वाले और सुनील सर को होगी। मेरे पिता एक बिजनेसमैन है, वो चाहते है कि बेटी देश की सेवा करे। परिवार को मोटिवेट कर मैदान में आएं बक्सर निवासी लक्की ने कहा कि दूसरों से पैसा मांगने से अच्छा है कि हम खुद अपने पैरों पर खड़ा हो जाए। मेरा एयरफोर्स का रिजल्ट आया है। मैं अग्निवीर की तैयारी कर रही हूं। मेरी दौड़ काफी खराब थी, यहां आने से दौड़ में काफी सुधार हुआ है। मुझे लगता है कि इस बार मेरा फिजिकल पास हो जाएगा। सुनील सर एक एक्स आर्मी मैन है। अच्छे से ट्रेनिंग देते हैं, डिसिप्लिन में रखकर तैयारी करवाते हैं। मेरी फैमिली भी काफी सपोर्ट करती है। वैसी लड़कियां जो देश की सेवा करना चाहती हैं, लेकिन परिवार वालों के डर से बाहर नहीं निकल पाती हैं, वो अपने परिवार से बात करें, उन्हें मोटिवेट करें और उनका सपोर्ट लेकर मैदान में आकर तैयारी करे। जरूर आपको अपना मुकाम हासिल होगा। मेरी रनिंग बहुत अच्छी हो गई आरा निवासी शीतांशु कहते हैं मैं बिहार पुलिस की तैयारी करता हूं। मेरी रनिंग काफी खराब थी। शहर में कई फिजिकल एकेडमी चलते हैं लेकिन वैसा रिजल्ट नहीं है जो सुनील सर तेजस फिजिकल में कराते हैं। सुनील सर कमांडो से रिटायर किए है। आज मेरी रनिंग में काफी सुधार हुआ है। समय के अंदर दौड़ कम्प्लीट कर लेता हूं। फिजिकल में डर लग रहा था, पर अब मेरी दौड़ में सुधार आई है वहीं, सिट्टू सिंह ने बताया कि पिछले 5 महीने पहले मैंने चौधरी सर के फिजिकल एकेडमी को ज्वाइन किया है। मेरी दौड़, हाई जंप में काफी सुधार हुआ है। दौड़ में ज्यादा समय लगता था, लेकिन अब नहीं लगता है। दिल्ली पुलिस में रिजल्ट आया है, फिजिकल में डर लग रहा था कि कैसे पूरा कर पाएंगे, लेकिन सर की ट्रेनिंग कराने के बाद सब डर खत्म हो गया है। कई बार मेरा फिजिकल का रिजल्ट खराब हो गया था। चौधरी सर का नाम सुनकर यहां आए है।
Source link