
Shubhanshu Shukla: इंडियन एयरफोर्स के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को वीरता के सर्वोच्च सम्मान अशोक चक्र से सम्मानित किया जाएगा। गणतंत्र दिवस (26 जनवरी) की पूर्व संध्या इसका ऐलान किया गया है। भारतीय वायुसेना (IAF) के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने 2025 में ‘एक्सियम-4’ (Axiom-4) मिशन के तहत इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) की ऐतिहासिक यात्रा कर इतिहास रचा था।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 70 सशस्त्र बल कर्मियों को वीरता पुरस्कार देने की मंजूरी दी, जिसमें छह मरणोपरांत पुरस्कार शामिल हैं। पुरस्कारों में एक अशोक चक्र, तीन कीर्ति चक्र, 13 शौर्य चक्र (1 मरणोपरांत), एक बार टू सेना मेडल (वीरता), 44 सेना मेडल (वीरता) (5 मरणोपरांत), छह नौ सेना मेडल (वीरता) और 2 वायु सेना मेडल (वीरता) शामिल हैं।
कीर्ति चक्र पुरस्कार विजेताओं में मेजर अर्शदीप सिंह, नायब सूबेदार डोलेश्वर सुब्बा और ग्रुप कैप्टन प्रशांत बालकृष्णन नायर के नाम शामिल हैं।
अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी NASA के Axiom4 Mission के तहत शुभांशु शुक्ला इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) गए थे। उन्होंने 25 जून को अपने साथियों के साथ अंतरिक्ष के लिए उड़ान भरी और वहां 18 दिनों तक रहकर, विभिन्न रिसर्च को करके 15 जुलाई को वापस धरती पर लौटे थे। अंतरिक्ष से धरती पर सकुशल आने पर शुभांशु शुक्ला और उनके अन्य साथियों का भव्य स्वागत किया गया था।
शुभांशु शुक्ला का जन्म 10 अक्टूबर 1985 को उत्तर प्रदेश के लखनऊ में हुआ था। वह राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) के पूर्व छात्र हैं और उन्हें 17 जून 2006 को भारतीय वायु सेना (IAF) की लड़ाकू स्ट्रीम में नियुक्त किया गया था। वह एक फाइटर कॉम्बैट लीडर और एक परीक्षण पायलट हैं जिनके पास 2,000 घंटे से अधिक की उड़ान का अनुभव है। उन्होंने Sukhoi-30MKI, MiG-21, MiG-29, Jaguar, Hawk, Dornier, और An-32, समेत कई तरह के विमान उड़ाए हैं।
लखनऊ के भारतीय वायुसेना के पायलट ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला राकेश शर्मा के ऐतिहासिक 1984 मिशन के बाद अंतरिक्ष में जाने वाले दूसरे भारतीय बने।