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बिहार से जीविका दीदियों की टीम गणतंत्र दिवस के अवसर पर दिल्ली के कर्तव्य पथ पर आयोजित मुख्य समारोह में शिरकत करने के लिए नई दिल्ली पहुंच गई है। ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण एवं आजीविका संवर्धन के क्षेत्र में किए जा रहे उल्लेखनीय कार्यों के कारण इन जीविका दीदियों को राष्ट्रीय स्तर के इस समारोह में भाग लेने का अवसर मिला है। ये लोग सोमवार को कर्तव्य पथ पर आयोजित गणतंत्र दिवस समारोह में वीआईपी अतिथि के रूप में शामिल होंगी। इनके लिए ग्रामीण विकास मंत्रालय के बनाए गए पवेलियन सतलुज में बैठने का स्थान निर्धारित किया गया है। पहली बार इस राष्ट्रीय समारोह में पति के साथ शामिल होने का अवसर मिलने से सभी जीविका दीदियां काफी खुशी हैं। बेगूसराय की जीविका दीदी विवक देवी को शिवराज सिंह ने किया सम्मानित इधर, गणतंत्र दिवस के उपलक्ष्य में आज भारत रत्न सी. सुब्रमण्यम ऑडिटोरियम आईसीएआर नई दिल्ली में आयोजित समृद्ध दीदी से समृद्ध राष्ट्र गणतंत्र दिवस अभिनंदन समारोह के दौरान बेगूसराय जिले की जीविका दीदी विवक देवी को ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान की ओर से सम्मानित किया गया है। ये सम्मान उन्हें जीविका के माध्यम से किए गए प्रेरणादायी कार्यों और आत्मनिर्भरता की मिसाल प्रस्तुत करने के लिए प्रदान किया गया। सम्मान समारोह के अवसर पर विवक देवी ने मंच से अपने जीवन संघर्ष, सीमित संसाधनों से आगे बढ़ने की कहानी तथा जीविका से जुड़ने के बाद अपने और अपने परिवार के जीवन में आए सकारात्मक बदलावों को भावपूर्ण भाषण के माध्यम से साझा किया। उनके वक्तव्य ने सभागार में उपस्थित अतिथियों और प्रतिभागियों को गहराई से प्रभावित किया। बताया- कैसे 5 हजार से अधिक महिलाओं को प्रेरित कर रही विवक देवी विवक देवी ने बताया कि कैसे जीविका से जुड़ी और खुद लखपति दीदी बनने के साथ पांच हजार से अधिक महिलाओं को प्रेरित कर रही है। उन्होंने बताया कि 2014 में समूह बना था। समूह बनने से पहले मेरी आर्थिक स्थिति सही नहीं थी। जब से हम समूह में जुड़े, तो हमको आर्थिक स्थिति अच्छा लगा। समूह में जुड़ने के बाद लोन लेकर हम खेती-बारी किए, जिसमें गाय पालन करते हैं, खेती करते हैं। मेरी आय अभी 25 से 30 हजार महीने है। पहले घर से बाहर निकलने का राय-विचार नहीं था, घर के अंदर हम रहते थे। लेकिन आज हम घर से निकलकर यहां तक पहुंच गए हैं, समूह में 15 दीदी के साथ रहते हैं। ग्राम संगठन में 180 दीदी के साथ अध्यक्ष बनी और क्लस्टर में अध्यक्ष पद पर काम कर रही हू। पोषण और स्वास्थ्य बगीचा पर काम होता है। क्लस्टर के अंदर अत्यंत गरीब दीदी हैं, उनको चुनकर हम लोग बकरी पालन, दुकान, गाय पालन करने के लिए क्लस्टर से मदद करते हैं। हमें सरकार के माध्यम से अनेक प्रकार की राशि मिलती है। इस दौरान ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने संवाद भी किया। प्रश्न- कितनी आमदनी हो गई है आपकी अब। विवक देवी- 25 से 30 हज़ार मंथली। प्रश्न- अच्छा, कोई कठिनाई या परेशानी आई हो काम करने में। विवक देवी- अभी तो नहीं है, पहले कठिनाई थी। घर से बाहर निकलने की अनुमति नहीं थी। प्रश्न- अब कोई मना नहीं करता है। विवेक देवी- नहीं, अब कोई मना नहीं करता है। बैंक में जाते हैं, मैनेजर से बात करते हैं। कोई चेक वगैरह हुआ, अगर कुछ होता है तो वहां जाकर बात करते हैं। प्रश्न- बैंक मैनेजर रिस्पॉन्स देते हैं। विवेक देवी- हां, रिस्पॉन्स देते हैं। प्रश्न- ऐसा तो नहीं कि दो-दो घंटे बाहर बिठाते हों। विवेक देवी- नहीं-नहीं, ऐसा नहीं है। टीम लीडर के तौर पर साथ गए बेगूसराय जीविका के संचार प्रबंधक राजीव रंजन ने बताया कि दिल्ली पहुंचने पर जीविका दीदियों में खासा उत्साह और गर्व का भाव है। ये पहली बार देश के सबसे बड़े राष्ट्रीय आयोजन से जुड़कर बेहद प्रसन्न और रोमांचित अनुभव कर रही हैं। यह सहभागिता न केवल उनके लिए गौरव का विषय है, बल्कि बेगूसराय जिले सहित पूरे बिहार की ग्रामीण महिलाओं के लिए प्रेरणास्रोत के रूप में सामने आएगी।
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