
बिहार विधानसभा चुनाव में करारी हार और तेजस्वी यादव के लंबे ब्रेक के बाद अब राष्ट्रीय जनता दल (RJD) अपनी ताकत को एक बार फिर मजबूत करने की दिशा में जुट गई है। इस कड़ी में आज, 25 जनवरी को RJD की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक राजधानी पटना में होने वाली है। बैठक में तेजस्वी को कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाने पर फैसला हो सकता है। बैठक में लालू प्रसाद यादव भी मौजूद रहेंगे। मगर बैठक से ठीक कुछ देर पहले रोहिणी आचार्य ने बिना किसे के नाम लिए पार्टी के वर्तमान नेतृत्व पर गंभीर आरोप लगाते हुए तीखा हमला बोला है।
विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद से ही लालू परिवार के अंदर की फूट और खींचतान सबके सामने आ गई। तेज प्रताप यादव को परिवार और पार्टी से बाहर करने के बाद से ही परिवार के अंदरभेद की बात बाहर आ गई थी। इसके बाद लालू की सिंगापुर में रहने वाली बेटी रोहिणी आचार्य ने राजनीति छोड़ने और परिवार से संबंध तोड़ने की घोषणा की थी। अब RJD की बैठक से ठीक पहले रोहिणी ने बिना नाम लिए एक बार फिर पार्टी के वर्तमान नेतृत्व पर सवाल उठाया है।
अंजाम की परवाह किए बिना अपनी आवाज उठाए-रोहिणी
RJD की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक से पहले रोहिणी ने सोशल मीडिया पर लंबा चौड़ा पोस्ट लिखकर ईशारों- ईशारों में तेजस्वी यादव पर ही तीखा हमला बोला है। रोहिणी ने लिखा है- जो सही मायनों में लालूवादी होगा, जिस किसी ने भी लालू जी के द्वारा, हाशिए पर खड़ी आबादी-वंचितों के हितों के लिए मजबूती से लड़ने वाली, खड़ी की गयी पार्टी के लिए निःस्वार्थ भाव से संघर्ष किया होगा, जिस किसी को भी लालू जी के द्वारा सामाजिक-आर्थिक न्याय के लिए किए गए सतत संघर्ष एवं प्रयासों का गौरवबोध होगा, जिसे लालू जी की राजनीतिक विरासत व् विचारधारा को गर्व के साथ आगे ले जाने की परवाह होगी, वो अवश्य ही पार्टी की मौजूदा बदहाली के लिए जिम्मेवार लोगों से सवाल करेगा एवं ऐसे लोगों की संदिग्ध – संदेहास्पद भूमिका के खिलाफ अंजाम की परवाह किए बिना अपनी आवाज उठाएगा।
घुसपैठियों-साजिशकर्ताओं के हाथों में है कमान-रोहिणी
वर्त्तमान की कड़वी, चिंताजनक एवं दुःखद सच्चाई यही है कि “आज जनता के हक़-हकूक की लड़ाई लड़ने के लिए जानी जाने वाली, जन – जन की पार्टी की असली कमान फासीवादी विरोधियों के द्वारा भेजे गए वैसे घुसपैठियों-साजिशकर्ताओं के हाथों में है , जिन्हें लालूवाद को तहस-नहस करने के टास्क के साथ भेजा गया है,कब्जा जमाए बैठे ऐसे लोग अपने गंदे मकसद में काफी हद तक सफल होते भी दिखते हैं।”
रोहिणी ने आगे लिखा-नेतृत्व की जिम्मेदारी संभाल रहे को सवालों से भागने, सवालों से बचने , जवाब देने से मुंह चुराने, तार्किक – तथ्यात्मक जवाब देने की बजाए भ्रम फैलाने, लालूवाद व् पार्टी की हित की बात करने वालों के साथ दुर्व्यवहार , अभद्र आचरण , अमर्यादित भाषा का प्रयोग करने की बजाए अपने गिरेबान में झांकना होगा और अगर “वो” चुप्पी साधता है, तो उस पर साजिश करने वाले गिरोह के साथ मिलीभगत का दोष व् आरोप स्वतः ही साबित होता है- रोहिणी आचार्य