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हां सुनाई नहीं दे रहा रिलैक्स रहो रेस्क्यू अमला के सामने गुहार लगाते लगाते इंजीनियर युवराज के तड़प तड़प कर निकल गए प्राण…



Noida Engineer Death: ’20 फीट दलदल है… दीवार भी खिसक रही है…’,  नोएडा सेक्टर 150 के पानी से भरे गड्ढे में कार गिरने से जान गंवाने वाले सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता मामले में घटनास्थल से जुड़े दो वीडियो सामने आए हैं। बताया जा रहा है कि ये वीडियो कथिततौर पर युवराज को बचाने की कोशिश के दौरान रिकॉर्ड किए गए थे।

जानकारी के मुताबिक, वीडियो उस समय का है जब युवराज मेहता ने बोलना बंद कर दिया था। सामने आए 1 मिनट 44 सेकंड के वीडियो में एक युवक घटनास्थल की स्थिति का लाइव हाल बयां करता नजर आ रहा है। वीडियो बनाने वाला युवक खुद को रात 11:45 बजे से मौके पर मौजूद बता रहा है। वह यह भी कह रहा है कि 11:45 बजे कार के गड्ढे में गिरने की सूचना मिली थी। युवक वीडियो में कहता है कि 20 फीट दलदल है… अरे उसे रस्सी बांध दो… ये पानी में उतर रहा है, इनके रस्सी तो बांध देते… ये दीवार भी खिसक रही है… जिस दीवार पर तुम सब खड़े हो वो दीवार खिसक रही है… वो बहुत दूर है, उबड़-खाबड़ है… तैरा भी नहीं जा सकता है।’

फ्लैश लाइट जलाकर लगाता रहा मदद की गुहार

इसके अलावा वीडियो में यह भी सुनाई दिया कि कैसे कथिततौर पर गड्ढे में से आवाज आती है कि सुनाई नहीं दे रहा है। साथ ही युवराज गड्ढे में से फ्लैश लाइट जलाकर बार-बार मदद की गुहार लगाते भी नजर आ रहा है। हालांकि, अंधेरा, गहरा पानी और अन्य कारणों से रेस्क्यू में देरी होती रही। 

‘इंजीनियर ने तड़प-तड़पकर तोड़ा दम’

वीडियो रिकॉर्ड करने वाला युवक लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहता है कि मौके पर पुलिस, फायर ब्रिगेड, एंबुलेंस मौजूद होने के बावजूद युवराज को नहीं बचाया जा सका। युवक ने दावा किया कि संसाधन होने के बाद भी समय पर उसका रेस्क्यू नहीं किया गया और उसने युवक के सामने तड़प-तड़पकर अपना दम तोड़ दिया।

वायरल वीडियो में क्या दिख रहा?

वायरल हो रहे वीडियो में देखा जा सकता है कि चारों ओर अंधेरा और कोहरा छाया हुआ है। एक व्यक्ति बिना किसी रस्सी या सुरक्षा उपकरण के पानी उतरता नजर आ रहा है। वीडियो के सामने आने के बाद रेस्क्यू सिस्टम की खामियां बेनकाब होती दिख रही हैं। वीडियो रिकॉर्ड करने वाले शख्स ने खुद रेस्क्यू सिस्टम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।

टेक्निकल जांच में जुटी फॉरेंसिक टीम

उधर, मामले की जांच कर रही पुलिस और फॉरेंसिक टीम अब टेक्निकल जांच में जुटी हुई है। मृतक के मोबाइल फोन और गाड़ी में लगे डैश कैम की जांच शुरू कर दी गई है। डैश कैम की चिप को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है, जिससे हादसे के समय की फुटेज और दुर्घटना के असल और सही कारणों का पता लगाया जा सके।

इसके साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि मृतक का मोबाइल पानी में गिरने के कितनी देर बाद बंद हुआ, या फिर नेटवर्क नहीं होने के चलते वह मदद के लिए कॉल नहीं कर पाया। फॉरेंसिक जांच के बाद अब तक की सभी जांच थ्योरी साफ होने की उम्मीद है।

कैसे हुआ हादसा?

16-17  जनवरी की रात युवराज गुरुग्राम से अपने घर लौट रहा था। तभी घने कोहरे के बीच सेक्टर 150 में मोड़ पर उनकी कार सड़क से सीधे एक पानी से भरे गहरे गड्ढे में जा गिरी। यह गड्ढा एक निर्माणाधीन साइट के पास खुला था, जो कि बिना बैरेकेडिंग के पड़ा था। गड्ढे में गिरने के बाद तकरीबन दो घंटे तक युवराज अपनी जान बचाने के लिए संघर्ष करते रहे।

एक और सामने आए वीडियो से पता चलता है कि कार के ऊपर बैठकर अपनी जान बचाने की जद्दोजहद कर रहे थे। वो लगातार फ्लैश लाइट से रेस्क्यू टीम को सिग्नल देने की कोशिश कर रहे थे। लेकिन रेस्क्यू टीम के पास संसाधनों की कमी के चलते उन्हें समय पर सुरक्षित बाहर नहीं निकाला जा सका और कार गहरे पानी में डूब गई। कार की छत पर बैठे युवराज की भी डूबकर मौत हो गई। 

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