![]()
पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (PMCH) के जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन (JDA) ने 26 सितंबर से अगले आदेश तक OPD सेवाएं बंद रखने का ऐलान किया है।
.
डॉक्टरों ने अस्पतालों में हिंसा, सहरसा के दो डॉक्टरों पर हुई कार्रवाई, बॉन्ड पर तैनात चिकित्सकों के वेतन-पदनाम और NOC नीति से जुड़े मुद्दों को लेकर यह निर्णय लिया है।
JDA ने स्वास्थ्य विभाग से डॉक्टर प्रतिनिधियों के साथ तत्काल बातचीत शुरू कर इन मुद्दों का तय समय में समाधान करने की अपील की है।
हालांकि, OPD बंद रहने के दौरान इमरजेंसी, ICU और अन्य जीवनरक्षक सेवाएं जारी रहेंगी, ताकि गंभीर मरीजों के इलाज में बाधा न आए।
अस्पतालों में डॉक्टरों की सुरक्षा की मांग
JDA PMCH ने डॉक्टरों के साथ हाल में हुई हिंसा की घटनाओं पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। संगठन ने PMCH और DMCH में डॉक्टरों पर हुए हमलों के मामलों में तत्काल कार्रवाई, संस्थागत FIR दर्ज करने और अस्पतालों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग रखी है।
एसोसिएशन का कहना है कि चिकित्सकों को बिना भय के काम करने के लिए अस्पताल परिसर में प्रभावी सुरक्षा व्यवस्था जरूरी है।
सहरसा के दो डॉक्टरों पर कार्रवाई की निष्पक्ष समीक्षा की मांग
JDA ने सहरसा के चिकित्सकों से जुड़े मामले में डॉ. सुशील कुमार आजाद और डॉ. रोशन लाल के खिलाफ की गई कार्रवाई की निष्पक्ष समीक्षा की मांग की है।
संगठन का कहना है कि पूरे मामले की परिस्थितियों को देखते हुए कार्रवाई की समीक्षा की जानी चाहिए और स्वास्थ्य विभाग को डॉक्टरों के पक्ष को भी सुनना चाहिए।
बॉन्ड पर तैनात डॉक्टरों के वेतन-पदनाम में बदलाव
जूनियर डॉक्टरों ने बॉन्ड के तहत तैनात चिकित्सकों के वेतन और पदनाम में संशोधन की मांग की है। JDA का कहना है कि इन डॉक्टरों की जिम्मेदारियों के अनुरूप उचित पदनाम और पारिश्रमिक निर्धारित किया जाना चाहिए।
NOC नीति के प्रतिबंधात्मक प्रावधानों में संशोधन
JDA ने स्वास्थ्य विभाग के 5 जून 2026 के संकल्प संख्या 3/विविध-01-19/2026 में NOC से संबंधित प्रावधानों में बदलाव की मांग की है। संगठन के अनुसार, मौजूदा प्रतिबंधात्मक प्रावधानों की समीक्षा कर आवश्यक संशोधन किया जाना चाहिए।
गंभीर मरीजों के इलाज की सेवाएं रहेंगी जारी
OPD सेवाएं बंद रखने के निर्णय के बावजूद मरीजों के लिए इमरजेंसी, ICU और अन्य आवश्यक जीवनरक्षक सेवाएं बंद नहीं होंगी। गंभीर और आपात स्थिति वाले मरीजों को इन सेवाओं के माध्यम से उपचार मिलता रहेगा।
JDA की चार प्रमुख मांगें
- डॉक्टरों पर हिंसा के मामलों में कार्रवाई और अस्पतालों में प्रभावी सुरक्षा व्यवस्था।
- डॉ. सुशील कुमार आजाद और डॉ. रोशन लाल के खिलाफ कार्रवाई की निष्पक्ष समीक्षा।
- बॉन्ड पर तैनात डॉक्टरों के वेतन, पदनाम और पारिश्रमिक में संशोधन।
- 5 जून 2026 के NOC संबंधी स्वास्थ्य विभागीय संकल्प के प्रतिबंधात्मक प्रावधानों में बदलाव।
JDA ने स्वास्थ्य विभाग से इन सभी मुद्दों पर डॉक्टर प्रतिनिधियों के साथ तत्काल संवाद कर समयबद्ध समाधान की दिशा में कार्रवाई करने की अपील की है।