
हिमाचल में भारी बर्फबारी और बारिश, 560 से ज्यादा सड़कें बंद | Image:
ANI
Himachal Pradesh snowfall: हिमाचल प्रदेश में जारी भारी बर्फबारी और बारिश ने लोगों के आम जनजीवन को बुरी तरह से प्रभावित कर दिया है। ठंड तो बढ़ी ही बढ़ी है साथ ही रास्तों पर बर्फ गिरने की वजह से फिसलन भी बढ़ गई है, जिससे गाड़ी चलाना मुश्किल हो रहा है। ऐसे में लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने कई सड़कें बंद कर दी है। जिसमें कई मेन सड़कों समेत कुछ नेशनल हाईवे भी बंद किए गए हैं। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SDMA) ने बताया कि, मौसम की मार के चलते 560 से ज्यादा सड़कें बंद हैं और करीब 4,800 बिजली डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफार्मर (DTR) काम नहीं कर रहे हैं।
नेशनल हाईवे समेत कई सड़कें बंद
- स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर (SEOC) की जारी रिपोर्ट के मुताबिक, बर्फ जमा होने, भूस्खलन और खराब मौसम के कारण कुल 563 सड़कें बंद हैं। इनमें 2 नेशनल हाईवे भी शामिल हैं।
- लाहौल और स्पीति जिले में सबसे ज्यादा असर पड़ा है, जहां 290 सड़कें ब्लॉक हो गईं।
- NH-03 (कोकसर-रोहतांग पास-दारचा-सरचू) और NH-505 (ग्रामफू-बटल-लोसर) पूरी तरह बंद हैं।
- कई आंतरिक सड़कें जैसे तांडी-खाडू नाला हिस्सा भी बंद है।
- चंबा जिले में पांगी, भरमौर, तिस्सा और सलूनी जैसे इलाकों में 105 सड़कें बंद हैं।
- मंडी में 64 सड़कें प्रभावित हैं, जबकि कुल्लू में बर्फबारी के कारण 9 सड़कें बंद हैं।
- सिरमौर और ऊना जिलों में भी कुछ सड़कें बंद होने की जानकारी मिली है, लेकिन बिलासपुर, हमीरपुर और कांगड़ा पर ज्यादा असर नहीं पड़ा है।
कई बिजली ट्रांसफॉर्मर ठप
हिमाचल प्रदेश में हो रही भारी बर्फबारी से बिजली विभाग के ट्रांसफॉर्मरों पर भी गहरा असर पड़ा है। अभी तक 4,797 DTR प्रभावित हैं, जिससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि बिजली न आने से लोगों को भारी समस्या का सामना करना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा दिक्कत सोलन जिले में है, जहां 1,856 ट्रांसफॉर्मर ठप हैं। मंडी में 901, कुल्लू में 682 और चंबा में 659 ट्रांसफॉर्मर बाधित हैं। हाई-टेंशन लाइनों में खराबी मेन कारण बताया जा रहा है।
SDMA के एक अधिकारी ने कहा कि, ‘बर्फबारी और बारिश से रोड कनेक्टिविटी और पावर इंफ्रास्ट्रक्चर को काफी नुकसान पहुंचा है। मौसम के हिसाब से प्राथमिकता के आधार पर मरम्मत का काम चल रहा है।’
पानी की सप्लाई नॉर्मल, लेकिन शिमला में दिक्कत
अच्छी बात यह है कि राज्य में कहीं भी पानी की आपूर्ति स्कीम में बड़ी रुकावट की खबर नहीं मिली है। हालांकि, शिमला के डिस्ट्रिक्ट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर (DEOC) बिजली कटौती और फ्यूल से जुड़ी समस्याओं के कारण जनरेटर फेल होने से अपनी पूरी रिपोर्ट नहीं दे पाया।
हिमाचल प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन ने जारी किया हेल्पलाइन नंबर
हिमाचल प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने भी एक्स पर पोस्ट कर लिखा कि, हिमाचल में ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी है। बारिश, हिमपात और तेज हवाओं की संभावना। सतर्क रहें। साथ ही हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया गया है। राज्य आपदा हेल्पलाइन: 1070 , जिला आपदा हेल्पलाइन: 1077 और 9459455841 नंबर जारी किया गया है।
पर्यटकों को सतर्क रहने की सलाह
प्रशासन ने पर्यटकों और यात्रियों से अपील की है कि वे ऊंचाई वाले इलाकों में गैर-जरूरी यात्रा टालें और जिला प्रशासन की एडवाइजरी का पालन करें। मौसम में सुधार होते ही लोक निर्माण विभाग (PWD) और बिजली विभाग की टीमें सड़कें साफ करने और बिजली बहाल करने में जुटी हुई हैं। हिमाचल प्रदेश में यह बर्फबारी और बारिश लंबे सूखे के बाद आई है, जिससे पर्यावरण और किसानों को फायदा होने की उम्मीद है, लेकिन फिलहाल सड़कें बंद होने से आम जन जीवन प्रभावित हो रहा है। वहीं, लोगों को सलाह दी जाती है कि हिमाचल प्रदेश जाने से पहले वहां से जुड़ी जानकारी लेकर जाएं, क्योंकि 2 नेशनल हाईवे भी बंद बताए जा रहे हैं, ऐसे में पहाड़ों में पहुंचने के बाद समस्या का सामना करना पड़ सकता है। मौसम विभाग की मानें तो हिमाचल प्रदेश के ऊंचाई वाले पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी का दौर यूं ही जारी रहेगा।