Newswahni

स्कॉर्पियो के इंजन चेचिस में छिपाकर हो रही थी तस्करी गोपालगंज में उत्पाद विभाग ने पकड़ी शराब की खेप तस्कर गिरफ्तार…




गोपालगंज के फुलवरिया थाना क्षेत्र में शराब तस्करी का ऐसा तरीका सामने आया है, जिसे देखकर उत्पाद विभाग की टीम भी हैरान रह गई। तस्करों ने स्कॉर्पियो के अंदर शराब छिपाने के लिए इंजन, बॉडी और चेचिस समेत कई हिस्सों में गुप्त चैंबर बना रखे थे। बाहर से गाड़ी खाली नजर आ रही थी, लेकिन गहन तलाशी में अंग्रेजी शराब की बड़ी खेप बरामद हुई। गुप्त सूचना पर बथुआ के पास घेराबंदी उत्पाद विभाग को सूचना मिली थी कि यूपी से शराब की बड़ी खेप गोपालगंज के रास्ते लाई जा रही है। इसके बाद टीम गठित कर इलाके में सघन वाहन जांच शुरू की गई। इसी दौरान बथुआ गांव के पास संदिग्ध स्कॉर्पियो को रोककर जांच की गई। पहली नजर में खाली थी स्कॉर्पियो वाहन की शुरुआती जांच में अंदर शराब या कोई संदिग्ध सामान नजर नहीं आया। गाड़ी लगभग खाली दिखाई दे रही थी। इसके बाद टीम ने गुप्त सूचना को गंभीरता से लेते हुए स्कॉर्पियो की बारीकी से जांच शुरू की। इंजन और बॉडी में छिपाई शराब तलाशी के दौरान स्कॉर्पियो के इंजन, बॉडी और चेचिस में बनाए गए गुप्त स्थान सामने आए। तस्करों ने इन हिस्सों को इस तरह तैयार किया था कि सामान्य जांच में शराब आसानी से नजर नहीं आए। उत्पाद विभाग के अनुसार, गाड़ी की स्टेपनी और कई अन्य पार्ट्स में भी शराब छिपाई गई थी। यानी स्कॉर्पियो के अलग-अलग हिस्सों को शराब रखने के लिए इस्तेमाल किया गया था। स्टेपनी को बनाया ठिकाना, दो गिरफ्तार कार्रवाई के दौरान उत्पाद विभाग ने स्कॉर्पियो जब्त कर ली। मौके से दो तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। दोनों आरोपी समस्तीपुर और वैशाली जिले के रहने वाले बताए गए हैं। उत्पाद अधीक्षक अमृतेश कुमार झा ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई की गई थी। उन्होंने कहा कि पहली जांच में वाहन खाली दिखाई दिया, लेकिन गहन तलाशी में अलग-अलग हिस्सों में बनाए गए गुप्त चैंबर से शराब बरामद हुई। पूछताछ में खुलेगा तस्करी नेटवर्क गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। विभाग यह पता लगाने में जुटा है कि शराब यूपी में कहां से लोड की गई थी और गोपालगंज में इसकी डिलीवरी कहां होनी थी। उत्पाद विभाग शराब के फॉरवर्ड और बैकवर्ड लिंकेज की भी जांच कर रहा है। तस्करी के इस नेटवर्क में सप्लायर से लेकर डिलीवरी लेने वाले लोगों तक की भूमिका खंगाली जा रही है। स्कॉर्पियो को बनाया चलता-फिरता तहखाना तस्करों ने जांच एजेंसियों की नजर से बचने के लिए स्कॉर्पियो को ही चलता-फिरता तहखाना बना दिया था। हालांकि, गुप्त सूचना और सघन जांच के कारण उनका यह तरीका पकड़ा गया।



Source link

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

🏠
Home
🎬
मनोरंजन
💰
धन
🌦️
मौसम
📢
Latest News
×
Scroll to Top