Newswahni

हिंदी दिवस के अवसर पर बोले डीएम स्थानीय बोली बोलना कमजोरी नहीं यह सांस्कृतिक पहचान



भास्कर न्यूज | खगड़िया राष्ट्रीय हिंदी दिवस के अवसर पर सोमवार को समाहरणालय स्थित सभाकक्ष में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाधिकारी श्री विक्रम विरकर ने की। इस दौरान उप विकास आयुक्त श्रीमती श्रेया श्री, विशेष कार्य पदाधिकारी, वरीय उप समाहर्ता, जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी सहित अन्य अधिकारी व कर्मी मौजूद रहे। विभिन्न स्कूलों व कॉलेजों के छात्र-छात्राओं ने भी कार्यक्रम में हिस्सा लिया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि हिंदी का विकास केवल इसके अधिकाधिक प्रयोग तक सीमित नहीं है। इसके लिए अपनी स्थानीय बोली और भाषाई जड़ों से जुड़ाव व सम्मान भी जरूरी है। जब तक हम अपनी बोली से प्रेम और उसका आदर नहीं करेंगे, तब तक हिंदी का वास्तविक विकास संभव नहीं है। अपनी बोली से दूरी बनाने की सोच बदलने की जरूरत डीएम ने कहा कि आधुनिक या विकसित दिखने की होड़ में कई लोग अपनी स्थानीय बोली से दूरी बनाने लगते हैं। इस सोच को बदलने की सख्त जरूरत है। अपनी बोली बोलना कोई कमजोरी नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक पहचान और जड़ों से जुड़ाव का प्रतीक है। स्थानीय बोलियों की समृद्धि ही हिंदी को और अधिक व्यापक व जीवंत बनाती है। संस्कृति और सामाजिक भावनाओं की सशक्त अभिव्यक्ति है हिंदी कार्यक्रम में अन्य वक्ताओं ने हिंदी भाषा के महत्व, विशेषताओं और दैनिक जीवन में इसकी उपयोगिता पर प्रकाश डाला। वक्ताओं ने कहा कि हिंदी सिर्फ संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि संस्कृति, परंपरा की पहचान है।



Source link

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

🏠
Home
🎬
मनोरंजन
💰
धन
🌦️
मौसम
📢
Latest News
×
Scroll to Top