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पूर्व सरपंच सरदार राव हत्याकांड में कोर्ट का बड़ा फैसला गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई बरी को उम्र कैद और आरोपियों को साल की सजा…


Former Sarpanch Sardar Rao murder case Lawrence Bishnoi Gets Sentence

Former Sarpanch Sardar Rao murder case Lawrence Bishnoi Gets Sentence | Image:
File Photo

Sikar News: राजस्थान के सीकर जिले में पूर्व सरपंच सरदार राव मर्डर मामले में करीब 9 साल बाद आज फैसला आया। मामले में एससी-एसटी कोर्ट ने मर्डर के आरोपी गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और यतेंद्र को बरी कर दिया है। इसके अलावा अदालत ने कुल 11 आरोपियों में से 9 को दोषी करार दिया है। कोर्ट ने इनमें से 3 दोषियों को उम्रकैद और 6 को 10-10 साल की सजा सुनाई है।

वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए जुड़ा था लॉरेंस बिश्नोई 

बता दें, जुराठडा के पूर्व सरपंच सरदार राव मर्डर केस में एडीजे रेणुका हुड्डा ने फैसला सुनाया। कोर्ट ने मामले में मंगलवार (13 जनवरी) को आरोपियों को दोषी करार दिया था। सुनवाई के दौरान लॉरेंस वीसी के माध्यम से जुड़ा था, वहीं बाकी आरोपियों को कड़ी सुरक्षा के बीच कोर्ट में लाया गया था। 

मामले में एससी-एसटी कोर्ट ने हरदेवराम, अरुण और हरविंदर को आजीवन कारावास की सजा सुनाई, वहीं सुनील, मुकेश, भानुप्रताप सहित 6 को 10-10 साल की सजा सुनाई। इसके अलावा मर्डर केस में आरोपी सुभाष बराल को मफरूर (फरार) मानते हुए उसके खिलाफ फैसला नहीं सुनाया।

14 को किया था गिरफ्तार, 12 दोषी करार

बता दें, पुलिस ने शुरुआती जांच के बाद हत्याकांड में लॉरेंस विश्नोई गैंग की लिप्तता उजागर की और कुल 14 लोगों को गिरफ्तार किया। इसमें हरदेवा राम, गैंगस्टर लॉरेंस विश्नोई, सुभाष मूंड उर्फ सुभाष बराल, ओमप्रकाश मूंड, सुनील, भानुप्रताप, विजयपाल नागवा, शूटर अंकित, शूटर संपत नेहरा, शूटर भेजने वाला रविंद्र सिंह, मुकेश कुमार, कुलदीप उर्फ बोदू, नरेंद्र कुमार और यतेंद्रपाल शामिल थे।

इसके बाद कोर्ट ने लॉरेंस विश्नोई, हरदेवा राम, भानुप्रताप, कुलदीप, सुनील, मुकेश, यतेंद्र, ओमप्रकाश और नरेंद्र समेत 12 को दोषी करार दिया। साथ हीं सभी को हत्या, षड्यंत्र और अवैध हथियारों से जुड़े प्रावधानों में दोषी पाया।

5 के खिलाफ जांच पेंडिंग

इस मामले में एक शूटर अंकित भादू का पहले ही पंजाब के मोहाली में एनकाउंटर हो गया था, जबकि संपत नेहरा, जग्गू भगवान पुरिया, विजयपाल नागवा, रेडी और रवींद्र (5 आरोपियों) के खिलाफ सीआरपीसी की धारा 173(8) में जांच पेंडिंग है, जिन्होंने हत्याकांड के लिए गाड़ी और हथियार उपलब्ध करवाए थे।

2017 में पलसाना में हुई थी हत्या

सरदार राव साल 2010 से 2014 तक जुराठड़ा के सरपंच रहे थे। उनकी 23 अगस्त 2017 को पलसाना में दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वे 2015 के चुनाव में हार गए थे और उप चुनाव में जीतने की तैयारी कर रहे थे। पुलिस जांच में सामने आया कि सरकारी टीचर हरदेवा राम ने अजमेर जेल में बंद सुभाष मूंड से फोन पर बात कर सरदार राव को मारने की सुपारी दी थी। मूंड ने गैंगस्टर लॉरेंस से मदद मांगी, जिसके बाद लॉरेंस के शूटर्स ने 23 अगस्त 2017 में सरदार राव के हत्या को अंजाम दिया।

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