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किशनगंज में विद्या की देवी मां सरस्वती के पावन पर्व बसंत पंचमी की तैयारियां तेज हो गई हैं। यह पर्व इस वर्ष 23 जनवरी (शुक्रवार) को मनाया जाएगा, जब माघ मास की शुक्ल पक्ष पंचमी तिथि रहेगी। शहर और आसपास के इलाकों में उत्साह का माहौल है। त्योहार को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासनिक स्तर पर सुरक्षा, यातायात और शांति व्यवस्था को लेकर बैठकें की जा रही हैं। शहर के विभिन्न मोहल्लों, स्कूलों, कॉलेजों और सामुदायिक स्थलों पर पूजा पंडालों की सजावट का काम तेजी से जारी है। पंडालों को रंग-बिरंगे फूलों, आम के पत्तों, रंगोली और पारंपरिक सज्जा से आकर्षक रूप दिया जा रहा है। स्कूली बच्चे और छात्र-छात्राएं इस पर्व को लेकर विशेष रूप से उत्साहित हैं। कई स्कूलों में मां सरस्वती की मूर्ति स्थापना, भजन-कीर्तन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की तैयारियां चल रही हैं। छात्र नए कपड़े पहनकर, अपनी किताबें और कलम पूजा में रखकर मां सरस्वती से विद्या और बुद्धि की कामना करेंगे। मूर्तिकार मां सरस्वती की प्रतिमाओं को अंतिम रूप देने में जुटे बाजारों में मूर्तिकार मां सरस्वती की प्रतिमाओं को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। इस वर्ष प्रतिमाओं की बिक्री पिछले सालों की तुलना में काफी अधिक दर्ज की गई है। कलाकार पर्यावरण के अनुकूल ईको-फ्रेंडली मूर्तियों पर विशेष ध्यान दे रहे हैं। वीणा लिए हंस पर सवार मां सरस्वती की छोटी-बड़ी आकर्षक प्रतिमाएं बाजारों में खूब बिक रही हैं। मूर्तिकारों ने बताया कि बढ़ती मांग के कारण वे दिन-रात काम कर रहे हैं। पूजन सामग्री की खरीदारी के लिए बाजारों में भीड़ उमड़ रही है। श्रद्धालु पीले फूल, हल्दी, कुमकुम, अगरबत्ती, धूप, कपूर, मिठाई, फल, किताबें, कलम, नारियल और अन्य आवश्यक सामग्री खरीद रहे हैं। बसंत पंचमी पर पीला रंग शुभ माने जाने के कारण पीले वस्त्रों की मांग में भी वृद्धि हुई है। बाजारों में रौनक बनी हुई है, जहां दुकानदार ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए विशेष ऑफर प्रस्तुत कर रहे हैं। पुलिस ने बढ़ाई गश्त, असामाजिक तत्वों पर रहेगी नजर प्रशासन ने सरस्वती पूजा को लेकर सतर्कता बरती है। जिला पदाधिकारी और पुलिस अधीक्षक की अध्यक्षता में शांति समिति की बैठकें हुईं, जहां सुरक्षा, साफ-सफाई और यातायात व्यवस्था पर चर्चा हुई। विभिन्न थानों में भी बैठकें हो रही हैं, जिसमें डीजे, अश्लील गानों पर रोक और बिना लाइसेंस मूर्ति विसर्जन पर प्रतिबंध जैसे निर्देश दिए गए हैं। पुलिस गश्त बढ़ाई गई है ताकि कोई असामाजिक तत्व शांति भंग न कर सके।
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