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पटनामें फर्जी ट्रेडिंग ऐप से करोड़ की साइबर ठगी डबल मुनाफे का झांसा देकर कराया करोंड़ों निवेश जब रकम निकालने की कोशिश की…




ऑनलाइन ट्रेडिंग में कम समय में डबल मुनाफे का लालच पटना के एक व्यक्ति को भारी पड़ गया। साइबर अपराधियों ने फर्जी ट्रेडिंग वेबसाइट के जरिए 1 करोड़ 19 लाख 55 हजार रुपए की ठगी कर ली। जगदेव पथ के आरा गार्डेन निवासी 55 वर्षीय एजाज अजहर जमील ऑनलाइन ट्रेडिंग करते थे। इसी दौरान साइबर अपराधियों ने उनसे संपर्क किया और शेयर, सोना और विदेशी मुद्रा में निवेश के नाम पर मुनाफा कमाने का झांसा दिया। आरोपियों ने उन्हें एक फर्जी ट्रेडिंग वेबसाइट का लिंक भेजा। पीड़ित ने लिंक के जरिए प्लेटफॉर्म पर अकाउंट बनाया और निवेश शुरू कर दिया। शुरुआत में उन्हें वेबसाइट पर भारी मुनाफा भी दिखाई देने लगा। वेबसाइट पर रकम बढ़ती देखकर उनका भरोसा और मजबूत हो गया, जिसके बाद साइबर अपराधियों ने उन्हें और अधिक राशि निवेश करने के लिए प्रेरित किया। पीड़ित ने अलग-अलग माध्यमों से रकम भेजनी शुरू कर दी। साइबर पुलिस के मुताबिक, करीब तीन महीने के दौरान RTGS और ऑनलाइन माध्यम से 1 करोड़ 19 लाख 55 हजार रुपए की राशि निवेश की गई। पैसा निकालने पहुंचे तो खुल गया फर्जीवाड़ा ठगी का खुलासा तब हुआ, जब पीड़ित ने वेबसाइट पर दिखाई जा रही अपनी रकम और मुनाफे को वापस निकालने की कोशिश की। काफी प्रयास के बाद भी पैसा उनके खाते में नहीं आया। इसके बाद उन्होंने संबंधित लोगों से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन रकम वापस नहीं मिली। इसके बाद उन्हें ठगी का एहसास हुआ। पीड़ित ने फौरन मामले की जानकारी साइबर पुलिस को दी। जांच के दौरान साइबर टीम ने जिस वेबसाइट के जरिए ट्रेडिंग कराई जा रही थी, उसे फर्जी पाया। इसके बाद पीड़ित के आवेदन के आधार पर साइबर थाने में मामला दर्ज किया गया। साइबर डीएसपी ने कहा- लालच में निवेश करने से बचें साइबर DSP संगीता ने बताया, ‘जांच में वेबसाइट पूरी तरह फर्जी पाई गई है। मामले में केस दर्ज कर अनुसंधान किया जा रहा है।’ पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि पीड़ित से रकम किन-किन खातों में और किन माध्यमों से ट्रांसफर कराई गई। साथ ही इस पूरे नेटवर्क से जुड़े लोगों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है। पुलिस की अपील- डबल मुनाफे के झांसे में न आएं साइबर डीएसपी संगीता ने लोगों से ऑनलाइन निवेश के मामले में बेहद सावधानी बरतने की अपील की है। उनका कहना है कि अक्सर लोग अधिक मुनाफे के लालच में लोग साइबर फ्रॉड का शिकार हो जाते हैं। कई बार जिंदगी भर की जमा पूंजी गंवा बैठते हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी ट्रेडिंग ऐप या वेबसाइट पर पैसा लगाने से पहले उसकी विश्वसनीयता और वैधता की जांच जरूर करें। ऐसे बनाया जाता है ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर शिकार साइबर अपराधी आमतौर पर लोगों को सोशल मीडिया, मैसेजिंग ऐप या फोन के जरिए संपर्क करते हैं। उन्हें शेयर बाजार, विदेशी मुद्रा, सोना या दूसरे निवेश विकल्पों में कम समय में अधिक मुनाफे का लालच दिया जाता है। इसके बाद फर्जी वेबसाइट या मोबाइल एप पर अकाउंट बनवाया जाता है। शुरुआत में छोटी रकम निवेश करवाकर कभी-कभी मुनाफा दिखाया जाता है। इससे निवेशक का भरोसा बढ़ता है। इसके बाद उससे बड़ी रकम लगाने के लिए कहा जाता है। फर्जी प्लेटफॉर्म पर निवेश की रकम लगातार बढ़ती हुई दिखाई जाती है, लेकिन असल में वह पैसा अपराधियों के नियंत्रण वाले खातों में पहुंच चुका होता है। जब पीड़ित रकम निकालने की कोशिश करता है तो उससे टैक्स, प्रोसेसिंग फीस, सिक्योरिटी मनी या अन्य शुल्क के नाम पर और पैसे मांगे जा सकते हैं। कई मामलों में पीड़ित तब तक रकम भेजता रहता है, जब तक उसे पूरी तरह ठगी का एहसास नहीं हो जाता। निवेश से पहले आधिकारिक जानकारी की जांच करें – पुलिस पुलिस के मुताबिक, निवेश करने से पहले कंपनी और ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म की आधिकारिक जानकारी की जांच करना जरूरी है। किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने या अज्ञात व्यक्ति के बताए बैंक खाते में रकम भेजने से बचना चाहिए। ऑनलाइन निवेश में थोड़ी सी लापरवाही भी बड़ी आर्थिक क्षति का कारण बन सकती है। आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही पुलिस पटना में सामने आया 1 करोड़ 19 लाख 55 हजार रुपए का यह मामला इसी खतरे की बड़ी मिसाल है। फर्जी वेबसाइट पर दिख रहा मुनाफा वास्तविक नहीं था, लेकिन उस पर भरोसा करके पीड़ित ने करोड़ों की रकम गंवा दी। अब साइबर पुलिस अब मामले की जांच कर रही है और आरोपियों तक पहुंचने के लिए लेनदेन से जुड़े विवरण खंगाले जा रहे हैं।



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