![]()
बक्सर की जासो-नदांव सड़क की बदहाल स्थिति एक बार फिर सामने आई है। मरीज को लेने जा रही एक एंबुलेंस जासो और नदांव के बीच कीचड़ भरे रास्ते में फंस गई। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। एंबुलेंस को निकालने के लिए स्थानीय लोगों ने पहले धक्का देने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद रास्ते से गुजर रही एक पिकअप से एंबुलेंस को बांधकर खींचा गया, तब काफी मशक्कत के बाद उसे बाहर निकाला जा सका। सड़क की बदहाली पर लोगों में आक्रोश एंबुलेंस फंसने की घटना के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ गई है। लोगों का कहना है कि सड़क की हालत लंबे समय से खराब है। बारिश के बाद कई जगहों पर सड़क कीचड़ और पानी से भर जाती है, जिससे बाइक और ई-रिक्शा चालकों को आए दिन परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई बार वाहन पलटने की घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं। सड़क की बदहाली को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। हाल ही में जन सुराज के जिलाध्यक्ष बजरंगी मिश्रा ने सड़क पर जमा पानी में बैठकर करीब दो घंटे तक मौन धरना दिया था। ‘जल्द ही सड़क निर्माण का काम शुरू होगा’ सदर विधायक आनंद मिश्रा ने सड़क की मौजूदा स्थिति के लिए पूर्व विधायक संजय तिवारी को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा, “यह दस साल का गड्ढा है, इसे भरने में समय लगेगा।” विधायक के अनुसार, सड़क को ग्रामीण कार्य विभाग से पथ निर्माण विभाग में शामिल कराने के लिए मुख्यमंत्री को पत्र लिखा गया है। उन्होंने दावा किया कि जल्द ही सड़क निर्माण का काम शुरू होगा और लोगों को इसके लिए थोड़ा इंतजार करना चाहिए। पूर्व विधायक ने किया पलटवार पूर्व विधायक संजय तिवारी ने विधायक के बयान पर पलटवार करते हुए एंबुलेंस को निकालने में मदद करने वाले युवाओं की सराहना की। उन्होंने कहा कि उनके कार्यकाल में वर्ष 2016 और 2021 में सड़क का दो बार निर्माण कराया गया था। तिवारी के अनुसार, सड़क पर ओवरलोड वाहनों की आवाजाही पर रोक थी, लेकिन प्रशासन और स्थानीय स्तर पर निगरानी नहीं होने के कारण सड़क दोबारा जर्जर हो गई। सड़क के साथ नाली निर्माण की जरूरत उन्होंने कहा कि सड़क के साथ नाली निर्माण की भी जरूरत थी। जनता की मांग को देखते हुए प्राथमिकता के आधार पर सड़क निर्माण कराया गया था और करीब 4500 मीटर नाली भी स्वीकृत कराई गई थी। पूर्व विधायक ने आरोप लगाया कि नवंबर में उनकी अनुशंसा के अनुसार सड़क की मरम्मत आसानी से कराई जा सकती थी, लेकिन चुनाव के बाद योजना में बदलाव किया जाने लगा। चौड़ीकरण को लेकर भी उठाए सवाल संजय तिवारी ने प्रस्तावित सड़क चौड़ीकरण को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यदि गोलंबर से नदांव होते हुए डुमरांव तक सड़क चौड़ी की जाती है तो दोनों तरफ करीब पांच से सात फीट जमीन का अधिग्रहण करना पड़ सकता है। इससे कई घर भी प्रभावित हो सकते हैं। उन्होंने यह आशंका भी जताई कि टोल से बचने के लिए अतिरिक्त वाहन इस ग्रामीण सड़क का इस्तेमाल करने लगेंगे, जिससे आगे चलकर जाम की समस्या बढ़ सकती है। नदांव क्रॉसिंग पर रेलवे ओवरब्रिज बनें तिवारी ने कहा कि सड़क चौड़ी होने पर नदांव क्रॉसिंग पर रेलवे ओवरब्रिज की भी जरूरत पड़ेगी। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जब बक्सर-इटाढ़ी रेल ओवरब्रिज बनने में दस साल लग गए, तो नदांव क्रॉसिंग पर पुल बनने में कितना समय लगेगा, यह भी बड़ा सवाल है। चुनावी मुद्दा बनी थी 18 किमी सड़क करीब 18 किलोमीटर लंबी जासो-नदांव सड़क वर्ष 2025 के विधानसभा चुनाव में भी बड़ा चुनावी मुद्दा बनी थी। उस समय वर्तमान विधायक की ओर से सड़क की समस्या दूर करने के लिए तीन महीने का समय मांगा गया था। अब विधायक के शपथ लेने के करीब 10 महीने बाद भी सड़क की स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं होने को लेकर सवाल उठ रहे हैं। बारिश के बाद तालाब बनी सड़क बारिश के बाद सड़क के कई हिस्से तालाब में तब्दील हो गए हैं। आए दिन बाइक और ई-रिक्शा के पलटने से लोगों की परेशानी बढ़ रही है। अब कीचड़ में फंसी एंबुलेंस का वीडियो सड़क की बदहाली का नया प्रतीक बन गया है। सड़क कब बनेगी और इसकी बदहाली के लिए जिम्मेदारी किसकी है, इस पर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप जारी है। वहीं, स्थानीय लोगों की नजर अब प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के अगले कदम पर टिकी है।
Source link