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कटिहार में जिला समाहरणालय के सामने शुक्रवार को नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया। यह आयोजन परिवहन विभाग ने 1 जनवरी से 31 जनवरी तक मनाए जा रहे सड़क सुरक्षा माह के तहत किया गया। इसका मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करना था। नाट्य मंचन के माध्यम से यह प्रभावी संदेश दिया गया कि सड़क पर की गई छोटी-सी लापरवाही भी जीवन के लिए घातक साबित हो सकती है, जबकि यातायात नियमों का पालन जीवन रक्षा का सबसे मजबूत साधन है। नुक्कड़ नाटक में यमराज और चित्रगुप्त के पात्रों को संदेशवाहक के रूप में प्रस्तुत किया गया। उनके रोचक और व्यंग्यात्मक संवादों ने दर्शकों को अंत तक बांधे रखा। मंचन के दौरान दिखाया गया कि हेलमेट और सीट बेल्ट न पहनना, तेज गति से वाहन चलाना, ट्रैफिक सिग्नल की अनदेखी करना और गलत दिशा में ड्राइविंग करना किस तरह सीधे मौत को दावत देने जैसा है। नाटक में यह भी बताया गया कि नियमों का पालन करने वाला व्यक्ति न सिर्फ दुर्घटनाओं से बचता है, बल्कि अपने परिवार की खुशियों और भविष्य को भी सुरक्षित रखता है। कलाकारों के सजीव अभिनय और प्रभावशाली संवाद अदायगी ने आम लोगों को गहराई से सोचने पर मजबूर कर दिया। नाटक के दौरान कई बार दर्शकों की भीड़ तालियों से कलाकारों का उत्साह बढ़ाती नजर आई। संदेश स्पष्ट था—समय पर हेलमेट और सीट बेल्ट लगाना, गति सीमा का पालन करना और यातायात संकेतों का सम्मान करना ही सुरक्षित जीवन की कुंजी है। कार्यक्रम में जिला परिवहन पदाधिकारी सुधीर रंजन, ट्रैफिक डीएसपी सद्दाम हुसैन, राहुल कुमार सहित परिवहन विभाग के कई वरीय अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने कहा कि सड़क सुरक्षा माह का उद्देश्य केवल औपचारिकता निभाना नहीं, बल्कि लोगों के व्यवहार में सकारात्मक बदलाव लाना है। उन्होंने जोर दिया कि यातायात नियम किसी को दंडित करने के लिए नहीं, बल्कि हर नागरिक की जान बचाने के लिए बनाए गए हैं। अधिकारियों ने आम लोगों से अपील की कि वे स्वयं नियमों का पालन करें और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करें। कार्यक्रम का समापन इस संकल्प के साथ हुआ कि सुरक्षित यातायात अपनाकर ही दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सकता है और अनमोल जीवन की रक्षा संभव है।
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