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मिथिला के देवघर के नाम से प्रसिद्ध बाबा कुशेश्वरनाथ धाम में पवित्र श्रावण मास की पहली सोमवारी पर आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा है। दरभंगा जिला मुख्यालय से लगभग 80 किलोमीटर दूर स्थित इस प्राचीन शिवधाम में नेपाल, भूटान, झारखंड और पश्चिम बंगाल से हजारों श्रद्धालु जलाभिषेक के लिए पहुंचे हैं। मंदिर मे ॐ नमः शिवाय’, ‘हर-हर महादेव’ और ‘बोल बम’ के जयकारों से माहौल भक्तिमय हो गया। श्रद्धालु भगवान शिव का गंगाजल, दूध, दही, शहद और बेलपत्र से जलाभिषेक कर सुख-समृद्धि और परिवार की मंगलकामना कर रहे हैं। प्रशासन के अनुसार पहली सोमवारी पर करीब एक लाख श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। श्रावणी मेला-2026 का विधिवत शुभारंभ न्यास समिति के अध्यक्ष सह अनुमंडल पदाधिकारी शशांक राज, न्यास समिति के उपाध्यक्ष सह अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी प्रभाकर तिवारी और पूर्व विधायक अमन भूषण हजारी ने संयुक्त रूप से फीता काटकर किया। उद्घाटन के साथ ही श्रावण मास के धार्मिक आयोजनों की शुरुआत हो गई। बाबा कुशेश्वरनाथ धाम पूजा-अर्चना के लिए पहुंच रहे शिवभक्त… सरकारी पूजा के बाद शुरू हुआ जलाभिषेक सोमवार तड़के सुबह करीब 3:30 बजे मंदिर का गर्भगृह खोला गया। सबसे पहले सरकारी पूजा और पंडा समाज की ओर से पारंपरिक विधि-विधान से भगवान शिव की विशेष आराधना की गई। इसके बाद आम श्रद्धालुओं के लिए मंदिर के पट खोल दिए गए। श्रद्धालुओं ने गंगाजल, दूध, दही, शहद, घी, चंदन, बेलपत्र, भांग, धतूरा, आक के फूल और पंचामृत से भगवान भोलेनाथ का अभिषेक किया। श्रद्धालु पहले शिवगंगा घाट में स्नान किया। फिर बैरिकेडिंग के अंदर कतारबद्ध होकर बाबा के दर्शन के लिए आगे बढ़े। गजेंद्र नारायण सिंह धर्मशाला से बांस-बल्ले से बनाए गए मार्ग से श्रद्धालुओं को मंदिर में प्रवेश कराया गया। जबकि पश्चिमी द्वार से निकासी की व्यवस्था की गई है। नेपाल-भूटान सहित कई राज्यों से पहुंचे श्रद्धालु कुशेश्वरनाथ धाम में इस बार सहरसा, समस्तीपुर, मधुबनी, खगड़िया, बेगूसराय, सीतामढ़ी, मुजफ्फरपुर सहित बिहार के अलग-अलग जिलों और नेपाल, भूटान, झारखंड, पश्चिम बंगाल से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे हैं। कई श्रद्धालु बेगूसराय के सिमरिया से गंगाजल लेकर कांवड़ यात्रा करते हुए बाबा के दरबार पहुंचे, जबकि कुथ भक्त दंड प्रणाम करते हुए मंदिर तक पहुंचे और अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए जलाभिषेक किया। प्रशासन की व्यापक तैयारी, लाखों श्रद्धालुओं के स्वागत को तैयार मिथिला का देवघर श्रावणी मेले में इस वर्ष लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए जिला प्रशासन ने सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण, चिकित्सा, यातायात और पार्किंग की व्यापक व्यवस्था की है। जिलाधिकारी कौशल कुमार, वरीय पुलिस अधीक्षक जगुनाथ रेड्डी जलारेड्डी तथा ग्रामीण पुलिस अधीक्षक साक्षी कुमारी अब तक तीन बार संयुक्त रूप से मंदिर परिसर का निरीक्षण कर तैयारियों की समीक्षा कर चुके हैं। अधिकारियों ने संबंधित विभागों को सभी व्यवस्थाएं समय पर पूरी करने के निर्देश दिए हैं। जिलाधिकारी कौशल कुमार ने बताया कि हर सोमवारी पर श्रद्धालु अरघा के माध्यम से बाबा कुशेश्वरनाथ का जलाभिषेक करेंगे। प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता श्रद्धालुओं को सुरक्षित, व्यवस्थित और सुगम दर्शन कराना है। इसके लिए वाहन पार्किंग, घुमावदार बैरिकेडिंग, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था, शौचालय, चिकित्सा सुविधा, स्वच्छता, कंट्रोल रूम और सुरक्षित आवागमन की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। विशेष कार्य योजना लागू वरीय पुलिस अधीक्षक जगुनाथ रेड्डी जलारेड्डी ने बताया कि मेले के दौरान पर्याप्त संख्या में पुलिस बल और दंडाधिकारियों की तैनाती की गई है। मंदिर परिसर, शिवगंगा घाट, कतार मार्ग और बाजार क्षेत्र सहित सभी संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। पूरे मेला क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरों से चौबीसों घंटे निगरानी की जा रही है तथा भीड़ नियंत्रण और यातायात संचालन के लिए विशेष कार्य योजना लागू की गई है। बेर चौक, सतीघाट, पारो, असमा, काली मंदिर, थाना के समीप हजारी चौक, धवौलिया पुल तथा धवौलिया स्कूल तक प्रमुख मार्गों पर बैरिकेडिंग की गई है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए प्रवेश और निकास मार्ग अलग-अलग निर्धारित किए गए हैं। शिवगंगा में एक माह तक तैनात रहेगी एसडीआरएफ श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए इस बार शिवगंगा पोखर में स्नान के दौरान किसी भी अप्रिय घटना से बचाव हेतु राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) की छह सदस्यीय टीम पूरे एक महीने तक तैनात रहेगी। न्यास समिति के अध्यक्ष सह अनुमंडल पदाधिकारी शशांक राज के निर्देश पर टीम कुशेश्वरस्थान पहुंच चुकी है। अंचलाधिकारी राकेश रोशन भारती ने बताया कि एसडीआरएफ की टीम पूरे सावन शिवगंगा और आसपास के क्षेत्रों में नियमित गश्त करेगी तथा किसी भी आपात स्थिति में तत्काल राहत एवं बचाव कार्य करेगी। शिवगंगा के गहरे हिस्सों को बैरिकेडिंग से सुरक्षित किया गया है ताकि स्नान के दौरान कोई दुर्घटना न हो। मंदिर परिसर और शिवगंगा घाट पर 24 घंटे मेडिकल कैंप संचालित किया जा रहा है। चिकित्सकों की टीम, प्राथमिक उपचार, आवश्यक दवाइयों, ओआरएस तथा आपातकालीन चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इसके अलावा शीतल पेयजल, साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था तथा विश्राम की भी समुचित व्यवस्था की गई है।
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