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राजद सुप्रीमो लालू यादव के बड़े बेटे और जनशक्ति जनता दल के अध्यक्ष तेज प्रताप यादव मंगलवार शाम बेउर जेल से बाहर आ गए। तेज प्रताप यादव के अलावे सैकड़ों की संख्या में प्रदर्शनकारी स्टूडेंट्स जेल में बंद है, जिन्हें आज यानी बुधवार से छोड़ा जाएगा। बिहार सरकार ने छात्र आनंदोलन के दौरान दर्ज की गई 64 FIR को वापस ले ली है। इससे स्टूडेंट प्रोटेस्ट में शामिल लोगों को रिलीज करने का आदेश जारी है। सरकार के इस आदेश के बाद तेजप्रताप भी जेल से बाहर आ गए हैं। बेउर जेल से निकलने के बाद तेजप्रताप सीधे अपने माता-पिता लालू यादव और राबड़ी देवी से मुलाकात करने पहुंचे। कौटिल्य नगर आवास से निकलने के दौरान पत्रकारों ने उनसे सवाल किया, लेकिन वे बिना कुछ बोले निकाल गए। सबसे पहले देखिए 2 तस्वीरें… सबसे पहले जानिए तेज प्रताप की गिरफ्तारी कैसे हुई थी 1. सम्राट सरकार के खिलाफ सोशल मीडियो पर पोस्ट की, कुछ घंटे बाद हुई गिरफ्तारी 25 जुलाई की दोपहर JJD प्रमुख तेज प्रताप यादव को गांधी मैदान पुलिस ने प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिया। करीब आधे घंटे तक उनको थाने में रखा गया। इसके बाद उन्हें छोड़ दिया था।थाने से छूटने के बाद तेज प्रताप यादव एक बार फिर से स्टूडेंट्स के प्रोटेस्ट में शामिल हुए। इसी बीच दिल्ली में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया। फिर कॉकरोच जनता पार्टी ने केंद्र सरकार के मंत्रियों के साथ बैठक के बाद प्रदर्शन बंद करने का ऐलान किया। इसके बाद तेज प्रताप यादव ने शाम 4.36 बजे X पर एक पोस्ट लिखा। जिसमें उन्होंने कॉकरोच जनता पार्टी प्रमुख अभिजीत दीपके को बिहार आने का निमंत्रण दिया और कहा कि यहां आइए सम्राट सरकार को उखाड़ फेंकिए। पोस्ट करने के करीब 3 घंटे बाद तेज प्रताप को किया गिरफ्तार बिहार बंद के दिन तेज प्रताप यादव ने सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की सरकार पर तीखा हमला किया था। उन्होंने बड़े जन आंदोलन की बात कही। सरकार को सत्ता से हटाने की अपील भी की। सोशल मीडियो पर पोस्ट करने के करीब 3 घंटे बाद पटना पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का कहना था कि कार्रवाई हिंसा से जुड़े मामले में दर्ज एफआईआर के आधार पर की गई है। 2. चार दिन जेल में रहे, मंगलवार शाम बाहर आए गिरफ्तारी के बाद तेज प्रताप को न्यायिक हिरासत में बेऊर जेल भेजा गया। मंगलवार की शाम करीब साढ़े छह बजे वे जेल से बाहर आए। जेल में रहने के दौरान उनकी तबीयत बिगड़ने की खबर भी सामने आई। उन्होंने सीने में दर्द की शिकायत की। दो बार जेल अस्पताल ले जाया गया। उन्होंने घर का खाना भी मांगा था। बाद में जेल का भोजन किया। 3.अब सरकार का फैसला, प्रदर्शनकारी भी होंगे रिहा तेज प्रताप की रिहाई के साथ बिहार बंद के दौरान गिरफ्तार छात्रों और दूसरे प्रदर्शनकारियों को भी छोड़ा जाएगा। इस फैसले के बाद अब कई परिवारों का इंतजार खत्म होगा। पिछले कई दिनों से परिजन जेल और अदालत के चक्कर लगा रहे थे। बिहार बंद में गिरफ्तार हुए कई छात्र पहली बार जेल पहुंचे थे। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले इन युवाओं ने शायद कभी नहीं सोचा था कि आंदोलन के बाद उन्हें जेल जाना पड़ेगा। अब रिहाई के बाद वे करीब पांच दिन बाद अपने माता-पिता और परिवार से मिलेंगे। कई परिवार इन पांच दिनों से लगातार जेल, अदालत और पुलिस अधिकारियों के संपर्क में थे। अब उनकी चिंता खत्म होने की उम्मीद है। 4. FIR से छात्रों के जेल से रिहाई तक, चली ये प्रक्रिया NEET-UG पेपर लीक को लेकर दो दिनों के प्रदर्शन में पटना समेत 20 जिलों में कुल 64 FIR दर्ज की गई थी। सोमवार को राज्य सरकार की तरफ से गृह विभाग ने सारे केस खत्म करने और गिरफ्तार सभी लोगों को छोड़ने की घोषणा की थी। इसके तुरंत बाद पुलिस मुख्यालय हरकत में आया। सोमवार को ही जिलावार FIR की लिस्ट गृह विभाग को भेज दिया। सरकार ने उसे राज्य के एडवोकेट जनरल एसडी संजय कुमार को भेजा। मंगलवार को एडवोकेट जनरल ने सभी 20 जिलों के DM और PP (पब्लिक प्रॉसिक्यूटर) को पत्र भेजकर अर्जेंट बेसिस पर कार्रवाई करने के लिए कहा। लेटर में लिखा कि 26 जुलाई की शाम 6 बजे तक हुए सभी 64 FIR वापस लेना है। संबंधित जिलों के DM और PP अपने यहां के कोर्ट में केस वापसी से जुड़े दस्तावेज देंगे। कोर्ट में इसपर कार्रवाई होगी और जेल प्रशासन को गिरफ्तार किए गए छात्रों को रिहा करने का आदेश भेजा जाएगा। कोर्ट के आदेश पर छात्रों को जेल से मुक्त किया जाएगा। इस संबंध में पटना के DM कुंदन कुमार से बात की गई। उन्होंने बताया कि महाधिवक्ता का आदेश मिल गया है। बहुत जल्द छात्रों की जेल से रिहाई की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। जेल में 355 प्रदर्शनकारी अब भी बंद पुलिस मुख्यालय के अनुसार, उपद्रव मामले में पूरे राज्य से 694 लोगों को हिरासत में लिया गया था। पुलिस मुख्यालय ने बताया था कि हिरासत में लिए गए 339 नाबालिगों और छात्रों को जांच के बाद छोड़ दिया गया था। सभी का प्रॉपर तरीके से वेरिफिकेशन किया गया था। वहीं, हिंसा में शामिल 355 लोगों को कोर्ट में पेश किया गया था जहां से उन्हें ज्यूडिशियल कस्टडी में भेज दिया गया था। हिंसा मामले में ही जेल में बंद तेज प्रताप यादव को मंगलवार शाम जेल से छोड़ दिया गया। वहीं, आज से बाकी 355 प्रदर्शनकारियों को भी एक-एक कर छोड़ने का सिलसिला शुरू हो जाएगा।
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