![]()
नौहट्टा प्रखंड की तिलोखर पंचायत में मंगलवार शाम को विश्वनाथ सिंह कुशवाहा की 80वीं जयंती मनाई गई। इस अवसर पर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किए गए। जयंती समारोह के दौरान केक भी काटा गया। वक्ताओं ने विश्वनाथ सिंह कुशवाहा के जीवन और संघर्ष पर प्रकाश डाला। वक्ताओं ने बताया कि विश्वनाथ सिंह कुशवाहा का जन्म 28 जुलाई 1946 को उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के मरदह प्रखंड के रानीपुर गांव में हुआ था। वे बचपन से ही अन्याय, शोषण और सामंती व्यवस्था के खिलाफ आवाज उठाते रहे। उन्होंने गरीब, मजदूर और वंचित वर्ग के अधिकारों के लिए संघर्ष किया। वर्ष 1964 में वे सासाराम क्षेत्र पहुंचे और किसानों-मजदूरों को संगठित कर उनके हक की लड़ाई लड़ने लगे। उनकी लड़ाई किसी जाति विशेष के विरुद्ध नहीं, बल्कि शोषण और अत्याचार के खिलाफ थी। संघर्ष के दौरान वर्ष 1971 में परछा गांव में उनकी हत्या कर दी गई। समारोह में उपस्थित लोगों ने उनके संघर्षमय जीवन को याद करते हुए उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। इस अवसर पर केदार महतो, नरेंद्र मेहता, निरंजन गुरुजी, प्रयाग महतो, सूर्यदेव मेहता, राम विनायक मेहता, ददन मेहता, सुनील अकेला, बिपिन वर्मा, महेंद्र मेहता, अजीत राम, अनूप मेहता, रणजीत मेहता, बलजीत मेहता, धर्मेंद्र गुरुजी, जयराम साह, प्रवीण कुशवाहा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण, समाजसेवी और समर्थक मौजूद रहे।
Source link