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भगदड़ मची तभी आया शख् स और गलत तरीके से किया टच जंतर मंतर पर प्रदर्शन के बीच पूर्व की बेटी से हुई…



जंतर-मंतर पर आयोजित विरोध-प्रदर्शन के दौरान 24 जुलाई को भाजपा के एक पूर्व विधायक की बेटी के साथ छेड़छाड़ का गंभीर मामला सामने आया है। पीड़िता ने सोशल मीडिया पर इस घटना का खुलासा करते हुए प्रदर्शन में सुरक्षा व्यवस्था और वॉलंटियर्स के रवैये पर भी सवाल उठाए हैं। पीड़िता के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान जब बैरिकेड टूटे और भगदड़ जैसी स्थिति बनी, तब पीछे से एक अज्ञात व्यक्ति ने उसे गलत तरीके से छुआ।

उन्होंने तुरंत पलटकर आरोपी को रंगे हाथों पकड़ा और उसे कई थप्पड़ जड़े। आरोप है कि घटना के बाद जब उसने शिकायत की तो एक पुरुष वॉलंटियर ने उस पर ही चिल्लाना शुरू कर दिया। एक अन्य ने कहा ऐसी गलतियां हो जाती हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है। वहीं इस मामले पर जब उनके पिता और पूर्व विधायक विक्रम सिंह से बात की गई तो उन्होंने कहा कि उन्हें इस घटना की जानकारी नहीं है।

क्या हुआ था प्रदर्शन में, यशस्वी राजे सिंह ने सबकुछ बताया

यशस्वी राजे सिंह ने अपनी Instagram पोस्ट में दावा किया कि घटना के समय वह अपनी बहन के साथ मंच के पास मौजूद थी जहां पर प्रदर्शन चल रहा था। उनके मुताबिक जब वह भीड़ के बीच से निकलने की कोशिश कर रही थी तभी एक बैरिकेड गिर गया और वहां भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। यशस्वी का आरोप है कि इसी दौरान उनके पीछे खड़े एक शख्स ने उन्हें गलत तरीके से छूने की कोशिश की और जबरदस्ती गलत हरकतें करने लगा।

पोस्ट में यशस्वी ने आगे लिखा कि उन्होंने इसका विरोध करते हुए उस शख्स को तीन थप्पड़ मारे। हालांकि उनका आरोप है कि घटना के बाद हमलावर को रोकने के बजाय वहां मौजूद कुछ लोगों ने उन्हें ही डांटना शुरू कर दिया। यशस्वी के मुताबिक एक पुरुष वालंटियर उन पर वहां मौजूद होने को लेकर लगातार चिल्लाता रहा। वहीं दूसरे वालंटियर ने कथित तौर पर यह कहकर बात टाल दी कि ऐसी गलतियां तो होती रहती है।

विक्रम सिंह के बारे में जानिए

बता दें कि विक्रम सिंह फतेहपुर सदर विधानसभा सीट से विधायक रह चुके हैं। उनका जन्म 20 मई 1967 को आगरा में हुआ था। उनके पिता स्वर्गीय आर के सेंगर पूर्व रक्षा अधिकारी थे। शुरुआती शिक्षा केंद्रीय विद्यालयों में हुई। इसके बाद उन्होंने प्रयागराज के इवन क्रिश्चियन कॉलेज से पढ़ाई की। जहां छात्र राजनीति में सक्रिय रहे और वर्ष 1987 में साइंस साइट से अध्यक्ष चुने गए।

छात्र राजनीति के दौरान उनका परिचय पूर्व मुख्यमंत्री हेमवती नंदन बहुगुणा से हुआ। बाद में उनकी मुलाकात पूर्व प्रधानमंत्री वीपी सिंह से भी हुई। इसके बाद वह बीजेपी के वरिष्ठ नेता चंद्रास्वामी के ट्रस्ट से भी जुड़े रहे। वर्ष 2010 में उन्होंने तत्कालीन बीजेपी अध्यक्ष नितिन गडकरी की मौजूदगी में भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। 2014 के उपचुनाव में फतेहपुर सदर विधानसभा सीट से विधायक बने और 2017 में दोबारा इसी सीट से चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे।



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