
Engineer Yuvraj Mehta death case : नोएडा के सेक्टर 150 में नोएडा प्राधिकरण और बिल्डरों की लापरवाही से हुई इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के करीब 4 दिन बाद उनकी कार को गहरे पानी से बाहर निकाल लिया गया है। प्रशासन के लापरवाह रवैये का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि पूरा मामला इतना हाइलाइट होने और सीएम योगी के संज्ञान लेने के बाद भी कार को निकालने में करीब 4 दिन लग गए।
16-17 जनवरी 2026 की दरमियानी रात, घने कोहरे में गुरुग्राम से घर लौटते समय युवराज की मारुति ग्रैंड विटारा कार सेक्टर-150 के एक निर्माणाधीन साइट पर अनियंत्रित होकर टूटी बाउंड्री वॉल से टकराई और करीब 30-70 फीट गहरे पानी से भरे गड्ढे में जा गिरी। युवराज ने किसी तरह कार से बाहर निकलकर अपने पिता को फोन किया और मदद की गुहार लगाई, लेकिन रेस्क्यू में देरी और संसाधनों की कमी के कारण उनकी जान चली गई। वे करीब 2 घंटे तक जिंदगी-मौत की जंग लड़ते रहे, मोबाइल की टॉर्च जलाकर सिग्नल देते रहे, लेकिन मदद नहीं पहुंच सकी।