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लखीसराय में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन की समाप्ति के बाद लखीसराय में कांग्रेस का प्रस्तावित कैंडल मार्च विजय मार्च में बदल गया। शनिवार को कांग्रेस जिलाध्यक्ष अमरेश कुमार अनीश के नेतृत्व में केआरके मैदान से शहीद द्वार तक यह विजय मार्च निकाला गया। इसमें बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। मार्च के दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और आंदोलन की सफलता पर संतोष व्यक्त किया। जिलाध्यक्ष अमरेश कुमार अनीश ने इस अवसर पर कहा कि छात्रों और युवाओं की आवाज को दबाने के सभी प्रयास विफल रहे। उन्होंने दावा किया कि आंदोलन के दबाव में सरकार को झुकना पड़ा, जिसे लोकतंत्र और जनशक्ति की जीत बताया गया। अनीश ने आगे कहा कि कांग्रेस छात्रों, युवाओं और आम जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए हमेशा संघर्ष करती रहेगी। उन्होंने भविष्य में भी जनहित के मुद्दों को मजबूती से उठाने का संकल्प दोहराया। मार्च के समापन पर कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे को बधाई दी और लोकतांत्रिक संघर्ष की सफलता को जनता की जीत बताया। शहीद द्वार पहुंचने पर सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद सामूहिक रूप से राष्ट्रगान गाया गया और लोकतांत्रिक मूल्यों तथा संविधान की रक्षा का संकल्प लिया गया। कार्यक्रम को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क था। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए विजय मार्च के पूरे मार्ग पर भारी संख्या में पुलिस बल और सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया था। हालांकि, कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ और किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली।
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