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मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के कार्यकाल के 100 दिन पूरे होने के उपलक्ष्य में शुक्रवार को राज्यभर में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसी कड़ी में मोतिहारी के समाहरणालय परिसर में भी जिला प्रशासन द्वारा एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जहाँ अधिकारियों ने मुख्यमंत्री के संबोधन को सुना। कार्यक्रम के दौरान गैरमौजूदगी को लेकर चर्चा इस कार्यक्रम में प्रभारी डीएम सह एडीएम मुकेश कुमार सिन्हा और डीडीसी डॉ. प्रदीप कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे। हालांकि, जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) राजन गिरी की अनुपस्थिति पर अधिकारियों ने गहरी नाराजगी व्यक्त की। कार्यक्रम के दौरान उनकी गैरमौजूदगी को लेकर कई बार चर्चा हुई, लेकिन वे उपस्थित नहीं हुए। डीईओ की अनुपस्थिति के संबंध में जानकारी मांगी सूत्रों के अनुसार, जब डीईओ की अनुपस्थिति के संबंध में उनके विभाग के कर्मचारियों से जानकारी मांगी गई, तो कोई संतोषजनक उत्तर नहीं मिला। इस पर प्रभारी डीएम और डीडीसी दोनों ने नाराजगी जताई। अधिकारियों ने कार्यक्रम के बीच में ही इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए कहा कि ऐसे लापरवाह रवैये को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अधिकारियों और कर्मचारी दायित्वों का निर्वहन करें प्रभारी डीएम मुकेश कुमार सिन्हा ने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री ने इस कार्यक्रम में सभी सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों को जनता के सेवक के रूप में कार्य करने तथा अपने दायित्वों का ईमानदारी से निर्वहन करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि ऐसे महत्वपूर्ण कार्यक्रम से किसी भी अधिकारी का अनुपस्थित रहना उचित नहीं है। सिन्हा ने यह भी बताया कि अनुपस्थित रहने वाले सभी अधिकारियों की रिपोर्ट जल्द तैयार की जाएगी और उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। निर्देशों की अवहेलना करने वाले बख्शा नहीं जाएगा डीडीसी डॉ. प्रदीप कुमार ने भी इस मामले को गंभीर बताया। उन्होंने कहा कि शासन के निर्देशों की अवहेलना करने वाले अधिकारियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। इस घटना के बाद जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया है और अन्य अधिकारी भी सतर्क हो गए हैं। उम्मीद है कि जल्द ही अनुपस्थित अधिकारियों पर कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
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